Rahul Gandhi Letter to Mohan Yadav : मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर OBC आरक्षण लागू करने और चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। 22 सितंबर को लिखे इस पत्र को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
राहुल गांधी ने पत्र में इंदौर में 19 सितंबर को हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। इनमें OBC आरक्षण के तहत अटकी नियुक्तियों का मामला भी प्रमुखता से सामने आया था।
राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि वे संबंधित परीक्षाएं पास करने के साथ चयन प्रक्रिया भी पूरी कर चुके हैं, लेकिन 87:13 व्यवस्था के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां रोक दी गई हैं। उनके अनुसार, कई चयनित अभ्यर्थी 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि चार साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे युवाओं का समय और बर्बाद नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि 27% OBC आरक्षण को सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने, 27% आरक्षण लागू करने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की अपील की है।
इंदौर के कार्यक्रम में राजगढ़ की सपना गुर्जर और सतना के अखिल भारती क्रांति ने भर्ती परीक्षाओं में 13% पदों के होल्ड होने का मुद्दा उठाया था। छात्रों की ओर से दावा किया गया था कि MPPSC समेत विभिन्न भर्तियों में चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के प्रभावित होने की बात कही थी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 27% OBC आरक्षण से जुड़े मामले की अंतिम सुनवाई 5 अगस्त को पूरी हो चुकी है। विशेष युगलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। ऐसे में आरक्षण से जुड़े विवाद का न्यायिक समाधान अभी अदालत के फैसले पर निर्भर है।
राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद अब OBC आरक्षण के तहत लंबित नियुक्तियों का मुद्दा फिर सामने आया है। एक तरफ चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, वहीं 27% आरक्षण से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में लंबित है। अदालत के फैसले के साथ ही इस विवाद से जुड़े भर्ती और नियुक्ति मामलों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।