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भोपाल

MP News: माशिम बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही! छात्र-छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप; जानें पूरा मामला

Bhopal News: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में भारी लापरवाही के मामले सामने आए हैं।

सजल रघुवंशी

MPBSE Board Evaluation Errors: माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। राजधानी के सांदीपनि विद्यालय, बरखेड़ी के दो छात्रों ने पुनर्गणना के लिए आवेदन करने के साथ उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त की, जिसमें मूल्यांकन से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। विद्यार्थियों का आरोप है कि उनकी कॉपियों में कई प्रश्नों के सही अंक नहीं दिए गए, जबकि कुछ उत्तरों की जांच ही नहीं की गई।

जानकारी के लिए बता दें कि, इस साल 15 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए थे। रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपने प्राप्त अंकों पर असंतोष जताया और पुनर्गणना के लिए मंडल में आवेदन किया।

12वीं में 14 हजार बच्चों ने किया पुनर्गणना के लिए आवेदन

इस वर्ष 10वीं के करीब 3800 और 12वीं के लगभग 14 हजार विद्यार्थियों ने पुनर्गणना के लिए आवेदन किया है। बावजूद इसके, एक माह बीत जाने के बाद भी विद्यार्थियों को संशोधित परिणाम या अंकों की जानकारी नहीं मिल पाई है। बता दें कि मूल्यांकन में कई त्रुटियां भी सामने आई हैं।

सांदीपनि विद्यालय की छात्रा ने क्या कहा?

सांदीपनि विद्यालय की 12वीं की छात्रा ने बताया कि उसे बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक मिले हैं। छात्रा का आरोप है कि राजनीति शास्त्र, हिंदी और इतिहास विषय में उन्हें उम्मीद से कम अंक दिए गए। इस पर उन्होंने तीनों विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मंगाई, जिसमें मूल्यांकन से जुड़ी कई त्रुटियां सामने आईं। छात्रा के पिता ने बताया कि इतिहास विषय में दो प्रश्नों की जांच ही नहीं की गई, जबकि हिंदी में कुछ सवालों के उत्तर लिखे होने के बावजूद अंक नहीं दिए गए।

'प्रश्नों में दिए अपेक्षा से कम अंक'

वंही दूसरी तरफ 10वीं के छात्र मुताहिर खान ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल कर मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। विज्ञान विषय में उन्हें 75 में से 68 अंक मिले थे। मुताहिर ने जब अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी देखी तो पाया कि दो प्रश्नों में अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से मूल्यांकन किया जाता, तो उनके दो से तीन अंक और बढ़ सकते थे।

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