Madhya Pradesh weather today : मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि मंडला में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। छतरपुर, सतना, मंडला, मैहर समेत कई जिलों में बारिश और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को ट्रफ और स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय रहा, जिसके चलते प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश हुई। शुक्रवार को यह सिस्टम आगे बढ़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा, जबकि 6 और 7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।
इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। यानी प्रदेश के बड़े हिस्से में अगले दो दिन मौसम सक्रिय रहेगा।
गुरुवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पहुंच गया और यह खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। स्थिति को देखते हुए SDERF की टीम ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। लवकुशनगर की गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के कारण एक कच्चा मकान भी ढह गया।
मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर तक पहुंच गया। जबलपुर के बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद पांच गेट करीब एक मीटर खोले गए। इससे नर्मदा के घाटों पर करीब चार फीट तक पानी बढ़ने की संभावना जताई गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 741.2 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य बारिश 31.8 इंच यानी 808.2 मिमी के मुकाबले यह करीब 2.6 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से करीब 1% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में 17% कम है। प्रदेश के 21 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम बनी हुई है।