MP Vidhan Sabha Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन छात्रों के मुद्दे को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शून्यकाल के दौरान दिल्ली में छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए इस पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छात्रों को "कीड़ा" कहा था, इसलिए इस विषय पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए।
हालांकि, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है, इसलिए विधानसभा के नियमों के तहत इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में सूचना सुबह 9 बजे के बाद दी गई थी, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली में छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष के इस फैसले के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और माहौल काफी देर तक गर्म रहा। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। इसके चलते कुछ देर के लिए कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
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मामले के विरोध में कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे थे। उनका कहना था कि छात्रों के सम्मान और उनके अधिकारों के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विपक्ष केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से इस मुद्दे को विधानसभा में उठा रहा है। छात्रों के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस के कारण मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा का माहौल काफी गरमाया रहा।