मध्य प्रदेश कांग्रेस का कार्यक्रम फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
भोपाल

MP UCC पर सियासत तेज: उमंग सिंघार का भोपाल में बड़ा बयान, बोले- कांग्रेस की सरकार बनी तो खत्म करेंगे कानून

MP Congress News : मध्यप्रदेश में UCC को लेकर सियासत तेज हो गई है। भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता को खत्म किया जाएगा।

प्रीतेश जैन

MP UCC Umang Singhar Statement : मध्यप्रदेश की सियासत में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राजधानी भोपाल के बुधवारा चौराहे पर आयोजित 'जंग-ए-आज़ादी में उलमा की कुर्बानी' कार्यक्रम के समापन अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने UCC को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर इस कानून को समाप्त किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस कानून को गांव-गांव तक ले जाने की बात की जा रही है, उसे बहुमत के आधार पर लागू किया गया है। सिंघार ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनने पर UCC को खत्म किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

आरिफ मसूद के कार्यक्रम में पहुंचे जीतू पटवारी

भोपाल में विधायक आरिफ मसूद द्वारा आज़ादी के पखवाड़े के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान बच्चों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। जीतू पटवारी ने आरिफ मसूद के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नफरत के दौर में इस तरह के आयोजन सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने इसे राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' की भावना से भी जोड़ा।

विवाह और तलाक के पंजीकरण का प्रावधान

UCC से जुड़े प्रावधानों में विवाह व्यवस्था को एकरूप बनाने पर जोर दिया गया है। इसके तहत बहुविवाह पर रोक और विवाह के साथ-साथ विवाह विच्छेद के अनिवार्य पंजीकरण जैसे प्रावधान शामिल बताए गए हैं। तय प्रक्रिया के तहत सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण कराने का उद्देश्य वैवाहिक अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देना और धोखाधड़ी के मामलों को रोकना है।

लिव-इन, संपत्ति और बच्चों के अधिकारों पर नियम

संहिता में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। वहीं उत्तराधिकार और संपत्ति के मामलों में बेटे और बेटियों को समान अधिकार देने की व्यवस्था का उल्लेख है। लिव-इन रिलेशनशिप, सरोगेसी और कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चों के अधिकारों को लेकर भी प्रावधान शामिल किए गए हैं, ताकि बच्चों के साथ किसी प्रकार का कानूनी भेदभाव न हो।

कुप्रथाओं पर रोक और जनजातीय समाज को छूट

संहिता में महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक कुप्रथाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी प्रावधान बताए गए हैं। तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को लेकर कानून में विशेष व्यवस्था का उल्लेख है। वहीं मध्यप्रदेश की अधिसूचित जनजातियों को उनकी पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट देने की बात भी सामने आई है। UCC को लेकर उमंग सिंघार के बयान के बाद अब यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।

मैं CM बनना चाहता हूं...केशव प्रसाद मौर्य के बयान से सियासी भूचाल! 2027 चुनाव के बाद योगी की होगी छुट्टी?

ताशकंद में PM मोदी का भव्य स्वागत, मिर्जियोयेव से हुई अहम बातचीत, द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर हुई बड़ी बात

20 मिनट की देरी ने बचाई जान, भारत लौटे केरल और नागपुरवासी, तमिलनाडु के 219 लोग सुरक्षित, सैकड़ों अभी भी लापता

NEET-PG Exam 2026: जयपुर में परीक्षा के दौरान सर्वर ठप, छात्रों का फूटा गुस्सा, सेंटर पर काटा बवाल- VIDEO

अब सड़क नहीं पटरी से जुड़ेगा भूटान, भारत के 4000 करोड़ के प्रोजेक्ट पर टिकी सबकी नजर