

Umang Singhar On Chhindwara NICU Fire: छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में शुक्रवार देर रात हुए अग्निकांड के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। शॉर्ट सर्किट से लगी आग की चपेट में तीन नवजात बच्चे आ गए थे। इनमें से एक नवजात बच्ची की जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों का इलाज जारी है। घटना के समय तीनों बच्चे एक ही डोली में भर्ती थे।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्लग में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने डोली में रखे प्लास्टिक और कपड़ों को आग पकड़वा दी, जिससे हादसा हुआ। मामले की जांच पुलिस और अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बता दें कि, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अस्पताल इलाज का भरोसा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में अस्पताल ही लोगों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं।
उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग लगने से नवजात की मौत और भोपाल के दीपशिखा अस्पताल में आग की घटना का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रदेश के सभी अस्पतालों का तत्काल फायर ऑडिट कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में नियमानुसार पहले ही फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जा चुका था। बावजूद इसके एनआईसीयू में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के समय एनआईसीयू में 20 से अधिक नवजात और तीन स्टाफ सदस्य मौजूद थे। आग केवल एक यूनिट तक सीमित रही, लेकिन उसके गंभीर परिणाम सामने आए। इस बीच परिजनों ने प्रशासन से इलाज का खर्च उठाने की मांग की है। वहीं कांग्रेस इस मामले को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रही है और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक समीक्षा की मांग कर रही है।