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स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराने वाले पटवारियों को राज्य सरकार ने दी कानूनी राहत।
राजस्व विभाग ने 17 सितंबर के पुराने आदेश को अधिक्रमित कर संशोधित निर्देश जारी किए।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री के मामलों में BNS की धारा 218 के तहत अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पटवारी संघ की मुलाकात के बाद बनी सहमति।
पटवारी संघ ने सोमवार से रजिस्ट्री की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया।
MP Swamitva Yojana Registration : मध्य प्रदेश में 'स्वामित्व योजना' के तहत रजिस्ट्री कराने वाले पटवारियों को राज्य सरकार ने एक बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है। अब इस प्रक्रिया से जुड़े मामलों में किसी भी तरह के विवाद या आपराधिक स्थिति बनने पर पटवारियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जा सकेगा। राजस्व विभाग ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं।
राजस्व विभाग के आदेश के अनुसार, राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने के संबंध में पटवारियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 218 के तहत अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। यह आदेश 17 सितंबर को जारी किए गए पूर्व आदेश को अधिक्रमित (अमान्य) करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश राजस्व विभाग ने 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निपटान एवं पंजीयन योजना 2026' के तहत यह प्रावधान किया है। इसके अंतर्गत भू-अभिलेखों के आधार पर भू-अधिकारों के निपटारे और पंजीयन की प्रक्रिया भारतीय रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के तहत की जानी है। 13 अगस्त 2026 को जारी आदेश में पटवारियों को राज्य शासन की ओर से रजिस्ट्री कराने के लिए निष्पादक (एक्जीक्यूटर) नियुक्त किया गया था।
स्वामित्व योजना के तहत राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक महीने के भीतर 50 लाख रजिस्ट्री कराने का बड़ा लक्ष्य रखा था और इसके लिए 17 सितंबर की तारीख तय की गई थी। हालांकि, निष्पादक बनाए जाने के बाद कानूनी कार्रवाई और विवादों में फंसने की आशंका जताते हुए पटवारियों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया था।
विवाद और विरोध के बीच पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस बैठक में पटवारियों को कानूनी विवादों से सुरक्षा और राहत देने पर सहमति बनी, जिसके तुरंत बाद राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर दिया। इन स्पष्ट दिशा-निर्देशों और कानूनी सुरक्षा मिलने के बाद अब पटवारियों ने सोमवार से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है।