MP Rajya Sabha Election Cross Voting: मध्यप्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां अचानक तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारने के एलान के बाद कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए हाईकमान ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
सूत्रों का दावा है कि अगर जरूरत पड़ी, तो कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए हैदराबाद या बेंगलुरु शिफ्ट (रिजॉर्ट पॉलिटिक्स) कर सकती है। इसके लिए कर्नाटक और तेलंगाना के प्रदेश संगठन को भी तैयार रहने के संकेत दे दिए गए हैं।
इस सियासी घमासान के बीच, कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन सोमवार सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय से विधानसभा के लिए रवाना होंगी और अपना नामांकन दाखिल करेंगी। नामांकन के बहाने कांग्रेस भोपाल में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। इस दौरान उनके साथ मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोम्मा महेश कुमार गौड़ भी विशेष रूप से भोपाल पहुंच रहे हैं। चूंकि मीनाक्षी नटराजन तेलंगाना की कांग्रेस प्रभारी रही हैं, इसलिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। हालांकि, सीएम रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के भोपाल आने की संभावना कम है।
वोटों के बिखराव और गुटबाजी को रोकने के लिए मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन से पहले ही प्रदेश कांग्रेस के तमाम बड़े और प्रभावशाली क्षत्रपों से मुलाकात कर समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। रविवार को मीनाक्षी नटराजन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस विधायक सचिन यादव भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में रणनीति पर चर्चा हुई। इससे पहले नटराजन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी मुलाकात कर उनका समर्थन मांग चुकी हैं।
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भाजपा की रणनीति को नाकाम करने के लिए प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। रविवार को उन्होंने दिनभर कांग्रेस कार्यालय में डेरा डाले रखा। वे लगातार विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं और पल-पल का फीडबैक ले रहे हैं। पार्टी का पूरा जोर इस बात पर है कि मतदान के दिन तक एक भी वोट छिटकने न पाए। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस सरप्राइज दांव के सामने कांग्रेस अपने कुनबे को कितना एकजुट रख पाती है।