MP Rajya Sabha Election: महेश केवट पर भाजपा का बड़ा दांव, राज्यसभा की तीसरी सीट पर मुकाबला हुआ रोचक

MP Political News: BJP ने MP से राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए ओरछा निवासी महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले को भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
Mahesh Kewat Rajya Sabha BJP Candidate
महेश केवट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mahesh Kewat Rajya Sabha BJP Candidate: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए निवाड़ी जिले के ओरछा निवासी महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सभी राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया है। अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले महेश केवट आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके नाम की घोषणा के साथ ही प्रदेश की राजनीति में सामाजिक और जातीय समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

महेश केवट बुंदेलखंड क्षेत्र के ओरछा के रहने वाले हैं और लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं। वे केवट, निषाद, माझी और मछुआरा समाज के बीच एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान रखते हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और समाज के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड के अध्यक्ष

हाल ही में भाजपा सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने मछुआरा समुदाय के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में समाज को संगठित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है।

पिछड़ा वर्ग को बड़ा राजनीतिक संदेश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महेश केवट का चयन केवल राज्यसभा की एक सीट भर का फैसला नहीं है, बल्कि इसके जरिए भाजपा ने प्रदेश के अति पिछड़ा वर्ग को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मध्य प्रदेश में केवट, निषाद, कश्यप, धीमर, बिंद, मांझी और मछुआरा समाज की अच्छी संख्या है, जो कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। भाजपा लंबे समय से इन वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

बीजेपी की रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से अंतिम सहमति मिलने के बाद रविवार देर रात मुख्यमंत्री निवास पर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान चुनावी गणित, विधायकों की मौजूदगी और मतदान प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यकर्ताओं को भी संदेश

भाजपा के भीतर यह भी माना जा रहा है कि महेश केवट को राज्यसभा भेजकर पार्टी ने संगठन के उन कार्यकर्ताओं को भी संदेश दिया है जो वर्षों से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व ने एक ऐसे चेहरे को मौका दिया है जो सीधे तौर पर सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।

कांग्रेस खेमे में भी हलचल

इधर, राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा ने कांग्रेस के कुछ विधायकों के संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर भी रणनीति बनाई है। हालांकि इस संबंध में किसी भी दल की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। भाजपा के 100 से अधिक विधायक भोपाल में मौजूद हैं और लगातार बैठकों का दौर जारी है।

भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग की रणनीति का हिस्सा

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि महेश केवट की उम्मीदवारी भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग की रणनीति का हिस्सा है। यदि वे निर्वाचित होते हैं तो राज्यसभा में बुंदेलखंड और अति पिछड़ा वर्ग की मजबूत आवाज के रूप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल राज्यसभा की तीसरी सीट का चुनाव प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बना हुआ है और सभी की नजरें आगामी चुनावी प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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