Congress PCC Meeting: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के नामांकन को लेकर मचे घमासान के बीच आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में एक बेहद महत्वपूर्ण और आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कई वरिष्ठ विधायक व कानूनी विशेषज्ञ शामिल हुए। करीब दो घंटे चली इस गहन बैठक में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद पैदा हुई कानूनी और राजनीतिक स्थिति पर रणनीति तैयार की गई।
बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकले, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। दिग्विजय सिंह ने बेहद आक्रामक और सधे हुए अंदाज में सरकार और स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार और यहां के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर हमें बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। अधिकारियों ने पूरी तरह सत्ता के दबाव में आकर और द्वेषपूर्ण भावना से काम करते हुए हमारी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त किया है। यह लोकतंत्र की सरेआम हत्या है।
दिग्विजय सिंह ने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि कांग्रेस मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के मामले को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि हमारा एक सीनियर डेलीगेट इस समय दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों के साथ सीधे चर्चा कर रहा है। हमने सारे पुख्ता दस्तावेज और कानूनी तथ्य आयोग के सामने रख दिए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि केंद्रीय चुनाव आयोग मामले की गंभीरता को समझेगा और वहां से जल्द ही एक सकारात्मक परिणाम निकलकर सामने आएगा।
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बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि केंद्रीय चुनाव आयोग से कांग्रेस को राहत नहीं मिलती है, तो पार्टी तुरंत इस फैसले को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। इसके साथ ही, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है।