MP Rajya Sabha Election BJP Congress Clash: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर भाजपा द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन और भाजपा की तरफ से महेश केवट ने नामांकन दाखिल कर दिया है, जिसके बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है।
नामांकन प्रक्रिया के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और रणनीतिक गतिविधियां खुलकर सामने आ गई हैं। संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस अपने उम्मीदवार की जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है, लेकिन क्रॉस वोटिंग की आशंका ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, क्रॉस वोटिंग और संभावित राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर भेजने की रणनीति अपनाई है। भोपाल में सभी विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर एकत्र हुए, जिसके बाद उन्हें एयरपोर्ट की ओर रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि सभी 62 विधायकों को पार्टी शासित राज्य कर्नाटक भेजा गया है, जहां उन्हें मतदान तक रखा जाएगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने विधायकों को सुरक्षित बेंगलुरु पहुंचाने के लिए स्टार एयरलाइंस का एक 72 सीटर विशेष चार्टर्ड विमान बुक किया है। यह विमान दोपहर करीब ढाई बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचा, जिससे सभी विधायकों को कर्नाटक ले जाया जा रहा है, ताकि मतदान के दिन तक उन्हें एकजुट रखा जा सके।
विधायकों की शिफ्टिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह एक सामान्य रणनीतिक कदम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सभी विधायकों पर भरोसा करती है, लेकिन भाजपा की “तोड़-फोड़ की राजनीति” से सतर्क रहना भी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक कांग्रेस के साथ खड़े हैं।
कांग्रेस की इस रणनीति पर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता वी.डी. शर्मा ने कहा कि विधायकों को कहीं भी भेज दिया जाए, इससे राजनीतिक स्थिति नहीं बदलने वाली। उन्होंने दावा किया कि विधायकों की “अंतरात्मा पहले ही विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ी हुई है।” भाजपा ने तीसरी सीट पर अपनी जीत का भरोसा भी जताया है।
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राज्यसभा चुनाव में इस बार मुकाबला केवल संख्या बल का नहीं बल्कि रणनीति और राजनीतिक स्थिरता का भी माना जा रहा है। कांग्रेस की ओर से जहां एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, वहीं भाजपा इस मुकाबले को कड़ी चुनौती के रूप में पेश कर रही है।