CM Mohan Yadav Bus Service: मध्य प्रदेश में आम जनता को सुगम, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सेवा देने के लिए डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई 'मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' के संचालक मण्डल की उच्च स्तरीय बैठक में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' के बड़े पैमाने पर संचालन को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने संगठनात्मक ढांचे और 'सेवा भर्ती नियम-2026' को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभक्त किया जाएगा।
इस योजना के तहत संपूर्ण मध्य प्रदेश को 7 प्रमुख क्षेत्रों (इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर एवं रीवा) में विभाजित किया गया है। योजना का पहला चरण आगामी जुलाई माह से इंदौर क्षेत्र से शुरू होने जा रहा है। इसके तहत इंदौर में पहले से सक्रिय 'अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड' (AICTSL) का दायरा बढ़ाते हुए अब उसे पूरे इंदौर संभाग में बसों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए बसों का संचालन तीन विशेष श्रेणियों में किया जाएगा:
सरकार ने साफ किया है कि इस नई सरकारी व्यवस्था से वर्तमान में चल रही निजी बसों के परमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह ही सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी।
परिवहन व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत (ITMS-सज्जित) करने के लिए सरकार अगले 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,190 पदों पर भर्तियां करेगी। इसके लिए एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियां बनाई गई हैं। इस राज्य स्तरीय कंपनी में आईटीएमएस (ITMS), प्लानिंग, पॉलिसी, मानव संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रवर्तन और बिजनेस डेवलपमेंट जैसे 7 विशेष विभाग होंगे। इन विभागों की कमान मुख्य महाप्रबंधक (CGM) स्तर के आईएएस (IAS), एसपीएस (SPS) या तकनीकी विशेषज्ञों के हाथ में होगी।
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और बसों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए पुलिस और विशेष सशस्त्र बल के रिटायर्ड या प्रतिनियुक्ति वाले अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट (संविदा) पर तैनात किया जाएगा। कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 रुपये और पेड-अप कैपिटल राशि 35 करोड़ रुपये तय की गई है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर बस स्टैंड्स और जन-सुविधाओं को दुरुस्त करें ताकि जनता को इस सेवा का तत्काल और बेहतर लाभ मिल सके।