MP Monsoon Delay: मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से करीब 8 से 10 दिन देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 25 जून के आसपास हो सकती है। फिलहाल राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को भोपाल और इंदौर सहित 38 जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने आज आगर-मालवा और सीहोर जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, सागर, दमोह, छतरपुर और अन्य कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इधर कुछ जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना रहेगा। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और खरगोन सहित कुछ जिलों में दिन के समय तेज धूप और उमस बनी रह सकती है।
शुक्रवार को राजगढ़, दमोह, रीवा, सतना और मैहर समेत कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिली। सिवनी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। धार में 34.5 डिग्री, पचमढ़ी में 34.8 डिग्री और शिवपुरी में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दतिया में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 37.3 डिग्री, इंदौर का 35.1 डिग्री, उज्जैन का 36 डिग्री, जबलपुर का 38.8 डिग्री और ग्वालियर का 40 डिग्री सेल्सियस रहा।
आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में ठहरा हुआ है। यदि अगले कुछ दिनों में इसकी गति बढ़ती है तो यह जून के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है।
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मानसून में देरी का असर बारिश के आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। जून माह में अब तक प्रदेश में औसतन 44 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं, जहां सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में वर्षा की कमी करीब 27 प्रतिशत दर्ज की गई है। राज्य के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।