MP Intern Doctors Protest : भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का 52 घंटे से जारी आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टर सड़क पर उतरे तो इसका असर अस्पतालों से लेकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था तक दिखाई दिया। कमलापार्क और आसपास की सड़कों पर प्रदर्शन के कारण जाम लगा रहा, जबकि सरकारी अस्पतालों में OPD प्रभावित होने से हजारों मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ा।
इंटर्न डॉक्टरों, जूडा और एमटीए प्रतिनिधियों की डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक हुई। करीब एक घंटे चली चर्चा के बाद सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50% बढ़ाने का फैसला किया। अब MBBS इंटर्न को 14,337 रुपए की जगह 21,500 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
सरकार के फैसले के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टरों ने नारेबाजी की और जीत का जश्न मनाया। इसके बाद उन्होंने अस्पतालों में वापस ड्यूटी जॉइन करने की बात कही। आंदोलन खत्म होने के बाद गुरुवार से अस्पतालों में OPD और दूसरी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।
इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन का असर सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा। भोपाल में कमलापार्क और आसपास के इलाकों में सड़क पर प्रदर्शन के चलते ट्रैफिक प्रभावित हुआ। कई राहगीरों को जाम में फंसकर काफी देर तक परेशान होना पड़ा। शहर की व्यस्त सड़कों पर प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
दूसरी ओर, सरकारी अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों के काम से दूर रहने के कारण OPD सेवाएं प्रभावित हुईं। बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज और जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हमीदिया अस्पताल की रोजाना 3000 हजार मरीजों वाली OPD 500 पर सिमट गई थी। कई मरीज अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर भटकते नजर आए। आंदोलन खत्म होने के बाद अब स्वास्थ्य सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई भी विवादों में रही। प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। साथ ही घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि कार्रवाई के बाद भी सबसे बड़ा सवाल अभी बना हुआ है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन चलाने का आदेश किसने दिया था। सरकार ने जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौके पर बल प्रयोग का निर्णय किस अधिकारी या स्तर से लिया गया। जांच पूरी होने के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी।
इंटर्न डॉक्टरों के 52 घंटे के प्रदर्शन के बाद स्टाइपेंड में 50% की बढ़ोतरी का फैसला हुआ है। अब डॉक्टरों को 21,500 रुपए मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। आंदोलन खत्म होने से सरकार और डॉक्टरों के बीच चल रहा गतिरोध तो खत्म हो गया, लेकिन लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल की जांच पर अब नजर रहेगी।