MP Congress Protest : मध्य प्रदेश में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि सोमवार को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निर्वाचन सदन का घेराव किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर भी कलेक्टर कार्यालयों पर प्रदर्शन करने की बात कही गई है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
जीतू पटवारी ने दावा किया कि 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस ने इन नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। पटवारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 की ड्राफ्ट सूची में 42.74 लाख नाम बाहर किए गए थे। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद कितने नाम वापस जोड़े गए।
कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आए आवेदनों को लेकर भी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। जीतू पटवारी के मुताबिक, नाम जोड़ने के लिए 7.17 लाख आवेदन आए थे। पार्टी ने पूछा है कि इनमें कितने आवेदन स्वीकार और कितने खारिज किए गए। कांग्रेस का कहना है कि इसकी पूरी जानकारी और डिजिटल प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल सामने आना चाहिए।
कांग्रेस ने एक मीडिया हाउस की 23 सितंबर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें Form-6, मतदाता डेटा और चुनावी आईटी सिस्टम से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस रिपोर्ट के बाद कहा गया कि SIR समेत आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। आयोग ने रिपोर्ट में बताए गए मतभेदों के बीच अपने निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है।
कांग्रेस ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए नामों का कारणवार और जिलेवार डेटा जारी करने, ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में से बहाल किए गए नामों की जानकारी देने और नाम जोड़ने के आवेदनों की स्वीकृति-अस्वीकृति का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा ERO और BLO की डिजिटल सिस्टम में भूमिका तथा ऑडिट ट्रेल सार्वजनिक करने की मांग भी रखी गई है।
पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने उन पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि जब तक उसकी मांगों पर जवाब नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि भोपाल के बाद जिला स्तर पर भी प्रदर्शन किए जाएंगे। आने वाले दिनों में पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में इस मुद्दे को व्यापक आंदोलन का रूप देने की रणनीति पर भी चर्चा होने की बात कही गई है।