MP Assembly Monsoon Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। महज चार दिनों के इस संक्षिप्त सत्र को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार कई अहम विधायी प्रस्ताव और विधेयक सदन में ला सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर संभावित विधेयक की है, जिसे सरकार सदन में पेश कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार प्रदेश में UCC लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। यदि मानसून सत्र में इससे संबंधित विधेयक पेश किया जाता है तो यह प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के भी आसार हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक UCC विधेयक को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी मानसून सत्र को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस प्रदेश की कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सदन में उठाने की तैयारी कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही सत्र की अवधि केवल चार दिन की हो, लेकिन इसमें होने वाली चर्चाएं और संभावित फैसले दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं। सत्ता पक्ष जहां अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा, वहीं विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेगा।
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ऐसे में 20 जुलाई से शुरू होने वाला विधानसभा का मानसून सत्र काफी हंगामेदार और चर्चाओं से भरपूर रहने की संभावना है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मध्य प्रदेश सरकार सदन में कौन-कौन से महत्वपूर्ण प्रस्ताव लेकर आती है और विपक्ष उनका किस तरह जवाब देता है।