मुख्यमंत्री मोहन यादव फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
भोपाल

PHQ की जगह CM हाउस में बुलाई गई IPS अफसरों की बैठक, बदला मीटिंग का ठिकाना; कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री सख्त

CM House High Level Meeting: कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम मोहन यादव ने आईपीएस अधिकारियों की बैठक बुलाई। अचानक सीएम हाउस शिफ्ट हुई बैठक। सीएम ले सकते हैं अधिकारियों से कानून-व्यवस्था पर डायरेक्ट फीडबैक।

शिवम दत्त तिवारी, सजल रघुवंशी

HIGHLIGHTS:

  • आईपीएस अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के बाद हाई लेवल मीटिंग।

  • सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास बुलाया।

  • प्रदेश की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम अधिकारियों से ले सकते हैं डायरेक्ट फीडबैक।

CM And Police Officers Meeting Bhopal: मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को आईपीएस अधिकारियों की बैठक बुलाई। खास बात यह रही कि पहले यह बैठक पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में प्रस्तावित थी, लेकिन अचानक मुख्यमंत्री की ओर से सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) बुला लिया गया। बैठक के स्थान में हुए इस बदलाव के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई गंभीर आपराधिक घटनाओं और लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अधिकारियों से सीधे फीडबैक ले सकते हैं। बैठक में अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग, मैदानी स्तर पर पुलिस की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के बाद बुलाई गई बैठक

बैठक को लेकर इसलिए भी चर्चा है क्योंकि इसी दिन सागर के पूर्व एसपी अनुराग सुजानिया के इस्तीफे की खबर सामने आई। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी सुजानिया को सागर एसपी पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।

बंडा शराबकांड के बाद हटाए गए थे एसपी अनुराग

गौरतलब है कि, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सरकार ने सागर कलेक्टर और एसपी का तबादला किया था। देवास में भी जहरीली शराब से मौतों के मामले के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

बैठक को लेकर खड़े हुए कई गंभीर सवाल

अब इस बैठक को लेकर कई अहम सवाल हैं। क्या मुख्यमंत्री प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे? क्या पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और मैदानी पुलिसिंग को लेकर सख्त निर्देश दिए जाएंगे? और क्या हालिया घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने को लेकर भी कोई बड़ा संदेश दिया जाएगा? फिलहाल बैठक के एजेंडे और मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

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