PC Sharma On Meenakshi Natarajan: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यदि राज्यसभा चुनाव ईवीएम से होते तो मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के 62 विधायकों की एकजुटता देखकर भाजपा घबरा गई और इसी कारण यह स्थिति बनी।
पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी और जनता के सामने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई रखी जाएगी। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने दतिया विधायक की सदस्यता समाप्त किए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
इधर, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को लेकर मामला न्यायालय में भी पहुंचा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए चुनाव आयोग के समक्ष उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाने की सलाह दी है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ गया है। कांग्रेस लगातार इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बताते हुए विरोध दर्ज करा रही है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से इस पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।