दिवाली पर शाम 5 से 7 बजे तक लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त।
आकाश कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया दिवाली पूजा का शुभ समय और विधि।
दीप जलाते समय करें दीप प्रज्वलन मंत्र का जाप, जानें इसका महत्व।
मां लक्ष्मी को प्रिय है कमल का फूल, दिवाली पूजा में जरूर करें अर्पित।
Madhya Pradesh Diwali Lakshmi Puja Muhurat: देशभर में 8 नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद जब अयोध्या लौटे थे, तब उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई थीं। तभी से दीपावली पर दीप प्रज्वलित करने की परंपरा चली आ रही है।
यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस बार पूजा के शुभ मुहूर्त और पूजन विधि को लेकर आकाश कृष्ण शास्त्री महाराज ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
आकाश कृष्ण शास्त्री महाराज के मुताबिक, दिवाली त्योहार वाले दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा शाम 5 बजे से 7 बजे तक की जा सकती है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करें। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। वहीं, भगवान गणेश की आराधना से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने की कामना की जाती है।
आकाश कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि दिवाली पर घर में दीप जलाते समय दीप प्रज्वलन मंत्र का जाप करना चाहिए। दीपक जलाने के साथ मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप और ध्यान करना चाहिए। घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीप जलाकर सकारात्मकता और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
आकाश कृष्ण शास्त्री महाराज ने बताया कि मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। इसलिए दिवाली की पूजा में उन्हें कमल का फूल जरूर अर्पित करना चाहिए। पूजा के दौरान स्वच्छता, श्रद्धा और विधि-विधान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। श्रद्धालु पूजा में फूल, दीप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सकते हैं।
दिवाली से पहले लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई करते हैं। त्योहार के दिन घरों को दीपों और रोशनी से सजाया जाता है। परिवार के सदस्य एक साथ मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। वहीं, व्यापारी वर्ग इस दिन नए बही-खातों की पूजा करता है और नए कारोबारी वर्ष की शुरुआत के लिए मंगलकामना करता है। दिवाली का पर्व प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव के साथ खुशियां बांटने का संदेश भी देता है।