Kamal Nath on Petrol Diesel Price: देश में एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। 15 मई को 3-3 रुपए बढ़ाने के बाद आज 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई को बोझ बढ़ता जा रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स को कम कर जनता को 10 रुपए प्रति लीटर की राहत दे।
पूर्व सीएम ने X पोस्ट में लिखा 'एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दोबारा वृद्धि की गई है। पेट्रोल और डीजल आज मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बता रही है, लेकिन सचाई यह है कि मध्य प्रदेश की जनता के लिए बाहरी कारणों की तुलना में राज्य सरकार के टैक्स कीमत वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है।'
कमलनाथ ने X पर लिखा 'मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल की कीमत औसतन 13 रुपए और डीजल की कीमत 4 रुपए प्रति लीटर अधिक है। मध्य प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29% वैट + 2.5 रुपए + 1% सेस ले रही है, वहीं डीजल पर मध्य प्रदेश सरकार 19 % वैट + 1.5 रुपए + 1% सेस ले रही है। स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश के नागरिक पेट्रोल पर 30 रुपए से अधिक और डीजल पर 20 रुपए से अधिक टैक्स के रूप में राज्य सरकार को दे रहे हैं। पेट्रोल-डीजल पर इस टैक्स का अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से कोई संबंध नहीं है।'
उन्होंने आगे लिखा 'इस कारण भोपाल में एक लीटर पेट्रोल 110.75 रुपए और डीजल 95.91 रुपए का हो गया है। इंदौर-जबलपुर में प्रति लीटर पेट्रोल के नए रेट 110.79 रुपए, ग्वालियर में 110.69 रुपए और उज्जैन में 111.27 रुपए हो गए हैं। वहीं, उज्जैन में डीजल 96.40 रुपए में मिलेगा। यह भोपाल में 95.91 रुपए, इंदौर में 95.97 रुपए, जबलपुर में 95.98 रुपए और ग्वालियर में 95.86 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा।'
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मांग करते हुए लिखा 'मध्य प्रदेश सरकार तत्काल इस टैक्स में कटौती करे ताकि मध्य प्रदेश की जनता को सबसे महंगा डीजल और पेट्रोल ना खरीदना पड़े। मध्य प्रदेश सरकार तत्काल डीजल और पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करे। टैक्स कम करने से ना सिर्फ जनता को फायदा होगा बल्कि सरकार को भी नुकसान नहीं होगा। डीजल महंगा होने की वजह से ट्रक और अन्य भारी वाहन प्रदेश की तुलना में अन्य राज्यों से तेल भरवाना बेहतर समझ रहे हैं। इसके अलावा सीमावर्ती जिला के लोग अन्य प्रदेश से ईंधन ले रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश को राजस्व नुकसान हो रहा है।'