Jitu Patwari Tribal Issues Demand Probe: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति के मध्य प्रदेश दौरे के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति के बयानों का स्वागत करते हुए उन्होंने बीजेपी सरकार पर आदिवासी मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पटवारी ने कहा कि आदिवासी अस्मिता, भूमि अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति के बयान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से अलग हटकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों को 'वनवासी' कहना उनके समुदाय का अपमान है और कांग्रेस हमेशा से इस शब्दावली का विरोध करती आई है। पटवारी ने कहा, "राष्ट्रपति ने कांग्रेस की इस भावना को आत्मसात किया है, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में आदिवासियों की 1 लाख 36 हजार हेक्टेयर जमीन बीजेपी विधायकों, मंत्रियों और उद्योगपतियों की मिलीभगत से बेची गई है। उन्होंने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में इस पर संज्ञान लेने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने संकल्प दोहराया कि 2028 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही इस पूरे मामले की गहन समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'नौसिखिया' वाले बयान पर पटवारी ने तंज कसते हुए कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव मेरे सवालों से घबराते हैं, इसीलिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। सवाल पूछने वाला नौसिखिया नहीं होता, बल्कि नौसिखिया वह है जो सरकार चलाने की जिम्मेदारी छोड़कर गाड़ियों में घूम रहा है।" उन्होंने कहा कि ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों से विपक्ष को डरने के बजाय और अधिक बल मिलता है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ उनका रिश्ता पिता-पुत्र जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ (मैनिपुलेशन) करके उसे गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने अंत में कहा कि समय आने पर उनके और दिग्विजय सिंह के मजबूत संबंधों का सच सबके सामने आ जाएगा।