CM Mohan Yadav News : राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य संरक्षण में इंडियन हारमोनिका फेस्टिवल 2026 के 13वें संस्करण का आगाज हुआ। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर से आए माउथ ऑर्गन वादकों ने संगीत की विभिन्न विधाओं और सुरों की प्रस्तुति दी। आयोजन में 16 राज्यों से 180 प्रतिभागी भोपाल पहुंचे हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस वर्ष के फेस्टिवल में देश के 16 अलग-अलग राज्यों से 180 माउथ ऑर्गन वादक हिस्सा ले रहे हैं। मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहा यह फेस्टिवल का 13वां संस्करण है। उन्होंने बताया कि इस सांगीतिक सफर की शुरुआत 'पाल साहब' ने कोलकाता में गंगा किनारे से की थी, जो अब बड़े आयोजन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में शामिल बंगाल के कलाकारों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने भारतीय संगीत जगत के पार्श्व गायक किशोर कुमार, हेमंत कुमार, एसडी बर्मन और आरडी बर्मन के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती तानसेन, बैजू बावरा और कुमार गंधर्व जैसे महान संगीत साधकों की कर्मस्थली रही है।
सीएम यादव ने संगीत और अध्यात्म के संबंध का उल्लेख करते हुए उज्जयिनी और बाबा महाकाल की नगरी का भी जिक्र किया। उन्होंने महाकाल मंदिर परिसर में लगी एक प्रदर्शनी का संदर्भ देते हुए वाद्य यंत्रों की उत्पत्ति का दार्शनिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि दुनिया का पहला वाद्य यंत्र बनाने की प्रेरणा प्रकृति से मिली। पानी की बूंद के तालाब में गिरने से पैदा होने वाली ध्वनि से महादेव के वाद्य डमरू की कल्पना का उल्लेख करते हुए उन्होंने संगीत की उत्पत्ति को प्रकृति से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए बांसुरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डमरू के बाद भगवान कृष्ण की बांसुरी भी एक अद्भुत वाद्य है, जिसमें साधारण बांस से संगीत के सात स्वर जन्म लेते हैं। उन्होंने भारतीय संगीत परंपरा में प्रकृति, अध्यात्म और वाद्य यंत्रों के संबंध को रेखांकित किया।