Harsha Richharia Women Safety Statement: बागेश्वर धाम में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अपील के बाद अब मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने आश्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी संत, आश्रम या बागेश्वर धाम का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी आश्रम से महिलाओं को अकेले नहीं आने और सेवादारों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी जा रही है, तो लोगों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हर्षा रिछारिया ने कहा कि जब कुछ आश्रमों से यह कहा जा रहा है कि माताएं-बहनें अकेली न आएं और आश्रम के सेवादारों पर भरोसा न करें, तो सवाल उठता है कि लोग अपने बच्चों और परिवार को वहां कैसे भेज सकते हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर आश्रम के अंदर सुरक्षा की गारंटी कौन ले रहा है? उनके मुताबिक, अगर किसी संत को अपने ही आश्रम के सेवादारों पर भरोसा नहीं है, तो श्रद्धालु वहां भरोसा करके अपने परिवार को कैसे भेज सकते हैं।
हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सभी आश्रमों को खराब नहीं बता रही हैं। उनके मुताबिक, कुछ आश्रमों को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब लोगों के सामने यह तय करने की स्थिति हो कि कौन-सी जगह सुरक्षित है और कौन-सी असुरक्षित, तो ऐसी दुविधा में आश्रमों में ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि आश्रम जाएं, दर्शन करें और फिर वापस अपने घर लौट आएं।
हर्षा रिछारिया ने लोगों से आश्रमों की राजनीति से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आश्रम की पंचायत में पड़ने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, अगर लोग सुरक्षित रहना चाहते हैं तो घर पर रहकर मंत्र जाप और पूजा-पाठ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी के जरूरी काम करते हुए धार्मिक आस्था को घर पर भी निभाया जा सकता है और आश्रम की राजनीति में फंसने से बचना चाहिए।
शनिवार रात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं से सतर्क रहने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाएं अकेली धाम न आएं और यदि आएं तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर और हॉल के अलावा कहीं और नहीं जाने, लंबे समय तक न रुकने और अपने सामान व सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेने को कहा था। शास्त्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि करीब 5 किलोमीटर के पूरे परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है।