DRI Bhopal Drug Seizure : राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के साथ मिलकर देश में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल और ग्रेटर नोएडा में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में जांच एजेंसियों ने कुल 8.6 किलो मादक पदार्थ जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.1 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में एक महिला तस्कर समेत चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
DRI को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक महिला तस्कर ट्रेन के जरिए नई दिल्ली से बेंगलुरु जा रही है और उसके पास बड़ी मात्रा में ड्रग्स है। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 11 अगस्त को भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की। संदिग्ध महिला को रोककर उसके सामान की तलाशी ली गई। इस दौरान उसके काले रंग के ट्रॉली बैग में एक विशेष तरीके से बनाई गई गुप्त कैविटी मिली।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रॉली बैग की गुप्त कैविटी में भूरे रंग के टेप से लिपटे छह प्लास्टिक पैकेट छिपाए गए थे। NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर इनमें क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन होने की पुष्टि हुई। बरामद मेथामफेटामाइन का कुल वजन 6.325 किलो था। इसके बाद महिला को NDPS एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
महिला से पूछताछ के बाद DRI और CBN की संयुक्त टीम ग्रेटर नोएडा में बताए गए ठिकाने तक पहुंची। टीम की कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद कुछ नाइजीरियाई नागरिकों ने भागने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने खिड़की से कूदकर फरार होने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर चार नाइजीरियाई नागरिकों को पकड़ लिया।
ग्रेटर नोएडा में आरोपियों के ठिकाने की तलाशी के दौरान 2.242 किलो मेथामफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इस तरह दोनों कार्रवाइयों में जब्त मादक पदार्थों का कुल वजन करीब 8.6 किलो हो गया। DRI के मुताबिक, बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7.1 करोड़ रुपये है।
DRI के मुताबिक, जांच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक ड्रग नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि विदेशी तस्कर जांच एजेंसियों से बचने के लिए भारतीय नागरिकों को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। भोपाल में हुई कार्रवाई के बाद ग्रेटर नोएडा तक पहुंचे इस नेटवर्क के तारों की अब जांच की जा रही है। एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और इसकी सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।