एमपी विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

दिल्ली में राहुल, भोपाल में उमंग, NEET के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने कसी कमर; MP विधानसभा परिसर में दिया धरना

Protest For NEET In MP: एमपी विधानसभा सत्र में नीट परीक्षा पर संग्राम, सरकार ने चर्चा से किया इनकार तो धरने पर बैठे कांग्रेसी विधायक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग।

सजल रघुवंशी

Congress Protest In MP Vidhansabha: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को नीट परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की गूंज भोपाल तक सुनाई दी।

विधानसभा परिसर के भीतर कांग्रेस विधायकों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग की लेकिन सरकार की असहमति के बाद कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

नीट पर चर्चा की मांग, सरकार से टकराया विपक्ष

सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायकों ने नीट परीक्षा और छात्रों से जुड़े मामलों पर चर्चा कराने की मांग उठाई। विपक्ष का कहना था कि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है इसलिए इस पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। हालांकि सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नाराज हो गए और सदन के भीतर विरोध दर्ज कराने लगे। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बढ़ा विवाद

विवाद उस समय और गहरा गया जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नीट का मुद्दा सीधे तौर पर विधानसभा की कार्यवाही के दायरे में नहीं आता, इसलिए इस पर सदन में चर्चा संभव नहीं है। मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। इसके बाद कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सदन में मौजूद थे, जबकि विपक्ष लगातार प्रदर्शन करता रहा।

राजभवन तक पहुंचा विरोध, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

विधानसभा के साथ-साथ कांग्रेस का विरोध राजभवन तक भी पहुंचा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन पहुंचे और धरने में शामिल होकर सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था टाइट

प्रदर्शन को देखते हुए राजभवन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

उनका आरोप था कि छात्रों से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार जवाबदेह है और उसे अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा और राजभवन परिसर राजनीतिक नारों और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बने रहे।

https://youtu.be/TLzEl61pxR0?si=cHqc5e81OwMzzZgU

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