KF Rustamji Award 2026: राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में सोमवार को आयोजित केएफ रूस्तमजी पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2019-20 और 2021-22 के लिए परम विशिष्ट, अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी बहादुरी, अनुशासन और कार्यकुशलता से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल साइबर और डिजिटल अपराधों से निपटने में भी पूरी क्षमता और दक्षता के साथ काम कर रहा है।
समारोह के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में अश्वरोही दल ने विशेष प्रस्तुति के साथ उनका अभिनंदन किया और गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में 7 पुलिसकर्मियों को परम विशिष्ट श्रेणी, 8 को अति विशिष्ट श्रेणी तथा 86 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशिष्ट श्रेणी के सम्मान से नवाजा गया।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सम्मानित किए गए सभी पुलिसकर्मियों ने अपने साहस, कार्यकुशलता और समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण के एफ रुस्तमजी ने अपने उत्कृष्ट योगदान से मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया था और उनके नाम पर दिए जाने वाले ये पुरस्कार नई पीढ़ी को शांति, सुरक्षा और सेवा की प्रेरणा देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब केएफ रूस्तमजी पुरस्कार हर साल नियमित रूप से प्रदान किए जाएंगे।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह के एफ रुस्तमजी ने प्रदेश में दस्यु समस्या के खात्मे के लिए प्रभावी अभियान चलाया था, उसी क्रम में आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ मजबूत और निर्णायक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लाल सलाम को आखिरी सलाम देने का समय आ चुका है।
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पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने, डायल 112 सेवा को प्रभावी ढंग से संचालित करने और बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सरकार का निरंतर सहयोग मिला है। डीजीपी ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण के जरिए तैयार किया जा रहा है।