Muslim Representation In MP BJP: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब मुस्लिम और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़ी संस्थाओं में नियुक्तियों का इंतजार बढ़ गया है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग, उर्दू अकादमी, मदरसा बोर्ड और हज कमेटी जैसे अहम संस्थानों में पिछले 10 महीने से कई पद खाली पड़े हैं जिसकों लेकर सियासत गर्माती हुई नजर आ रही है।
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह देखने को मिल रहा है कि बीजेपी अब मुस्लिम प्रतिनिधित्व के बजाय ईसाई और सिख समाज के प्रतिनिधियों को अधिक हिस्सेदारी देने पर विचार कर रही है।
प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर चल रहा है। निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्तियों के बाद अब सबकी नजर अल्पसंख्यक संस्थाओं पर टिकी है, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, उर्दू अकादमी, मदरसा बोर्ड और हज कमेटी में अध्यक्ष और सदस्यों के पद लंबे समय से खाली हैं। इन संस्थाओं में आखिरी बड़ी नियुक्ति अप्रैल 2023 में हुई थी, जब वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद पर डॉ. सनवर पटेल की नियुक्ति की गई थी। उसके बाद से बाकी संस्थाओं में नियुक्तियां लंबित हैं।
अब बीजेपी संगठन स्तर पर इन पदों को लेकर फिलहाल कोई मंथन नहीं कर रही है। अलग-अलग पदों काबिज होने के लिये बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा और संगठन से जुड़े कई नेता इन नियुक्तियों की दौड़ में सक्रिय हैं। पर इन न्यूक्तियों के लिए अभी तक बीजेपी की और से कोई नाम सामने नहीं आये है ।
अल्पसंख्यक से बीजेपी की बेरुखी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की सरकारी राजनितिक न्युक्ति के अलावा बीजेपी ने अभी तक अल्पसंख्यक मोर्चा में भी कोई न्युक्ति नहीं की है। इस पद के लिए बीजेपी मुस्लिम के बजाय ईसाई और सिख समाज के प्रतिनिधियों को हिस्सेदारी देने पर विचार कर रही है ।
यह भी पढ़ें : महाकाल की नगरी में मंत्रियों का दरबार, निगम-मंडल में अकेले उज्जैन से 9 को मंत्री का दर्जा
राज्य अल्पसंख्यक आयोग-अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मामलों और शिकायतों पर काम मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड – मदरसों की शिक्षा, सिलेबस और प्रशासनिक व्यवस्था मध्यप्रदेश हज कमेटी– हज यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं और समन्वय मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी– उर्दू भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मध्यप्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा– मुस्लिम सहित अन्य अल्पसंख्यक वर्ग के बीच भाजपा की स्वीकार्यता, कार्यक्रम और पहुंच बढ़ाने पर फोकस