एमपी के लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज) 
भोपाल

MP News: लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, जानिए 20% अतिरिक्त पेंशन नियम पर वित्त विभाग का नया विलेख

20 Percent Rule For Pensioners: एमपी वित्त विभाग का बड़ा स्पष्टीकरण, 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ही मिलेगा 20% अतिरिक्त पेंशन का लाभ, 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही पात्रता नहीं।

सजल रघुवंशी

Big News For Lakhs Of Pensioners In MP: मध्य प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों (पेंशनभोगियों) के लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, पेंशनर्स को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ केवल तभी मिलेगा जब वे अपनी 80 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। इस नए आदेश के जरिए सरकार ने पेंशन नियमों की तारीखों को लेकर लंबे समय से चले आ रहे बड़े असमंजस को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है।

80वें वर्ष में प्रवेश करते ही नहीं मिलेगा लाभ

दरअसल, प्रदेश के कई पेंशनर्स के बीच यह आम धारणा बनी हुई थी कि 79 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद जैसे ही वे 80वें वर्ष में प्रवेश करेंगे (यानी 80वां साल शुरू होते ही), वे इस अतिरिक्त वित्तीय लाभ के हकदार हो जाएंगे। इस भ्रम को पूरी तरह खारिज करते हुए वित्त विभाग ने साफ किया है कि अतिरिक्त पेंशन का लाभ 80वें वर्ष की शुरुआत में नहीं, बल्कि 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद मिलेगा। यह बढ़ा हुआ लाभ आयु पूरी होने के अगले महीने से पेंशनर्स के खाते में देय होगा। विभाग ने इस संबंध में वर्ष 2009 के अपने मूल परिपत्र का हवाला दिया है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि अतिरिक्त पेंशन उस महीने के बाद से दी जाएगी जिसमें पेंशनभोगी निर्धारित आयु सीमा को पूरा करता है।

85 वर्ष की उम्र पर मिलेगा 30% ज्यादा लाभ

इसी नियम और व्यवस्था के तहत वित्त विभाग ने एक और स्थिति साफ की है। आदेश के मुताबिक, जो पेंशनर्स अपनी 85 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, उन्हें 30 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिया जाएगा। यह लाभ भी उनकी पात्रता अवधि यानी 85 वर्ष पूरे होने के अगले माह से ही मिलना शुरू होगा।

न्यायिक फैसलों की लगी मुहर

सरकार ने अपने आदेश में न्यायालयों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसलों का भी उल्लेख किया है, जिससे इस निर्णय को कानूनी आधार और मजबूती मिलती है। आदेश के अनुसार, इस विषय पर पहले भी विभिन्न अदालतें सरकार के पक्ष को सही ठहरा चुकी हैं। इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जुलाई 2025 को ग्वालियर हाई कोर्ट से जुड़े एक मामले में अंतरिम आदेश जारी किया था। सरकार ने अपने आदेश में इस फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही नियमों का पालन किया जा रहा है।

वहीं, हाल ही में 16 जनवरी 2026 को इंदौर हाई कोर्ट ने भी इस मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार के रुख और संबंधित नियमों को पूरी तरह उचित ठहराया था। अदालत ने अपने फैसले में सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को वैध माना, जिससे इस नियम की कानूनी स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है।

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