यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

MP News: भोपाल की सड़कों पर यूथ कांग्रेस का महा-आक्रोश, निकाली इलेक्शन कमीशन की प्रतीकात्मक 'अर्थी'

Youth Congress Protest: भोपाल में राज्यसभा चुनाव विवाद पर यूथ कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, जेल पहाड़ी से मुख्य निर्वाचन कार्यालय तक निकाली निर्वाचन आयोग की प्रतीकात्मक अर्थी।

सजल रघुवंशी

Bhopal Youth Congress Protest: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में भोपाल में यूथ कांग्रेस ने गुरुवार को अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जेल पहाड़ी से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक निर्वाचन आयोग की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए आयोग के फैसले पर सवाल उठाए। यूथ कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए अपना विरोध प्रकट किया।

निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में कार्य करने के बजाय भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दबाव में फैसले ले रहा है। इसी आरोप के विरोध में आयोग की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता को बनाए रखना आवश्यक है तथा इस प्रकार के निर्णयों से जनता का विश्वास प्रभावित होता है।

नेताओं ने नामांकन रद्द करने पर जताई आपत्ति

यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमित खत्री और अभिषेक मिश्रा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करने में विफल साबित हो रहा है। नेताओं ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में भाजपा और आरएसएस की भूमिका दिखाई दे रही है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

नामांकन रद्द होने के बाद जारी है विरोध

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कथित तौर पर शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में रद्द किया गया था। इसके बाद से कांग्रेस लगातार इस फैसले का विरोध कर रही है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं और निर्वाचन आयोग के समक्ष आपत्ति भी दर्ज कराई जा चुकी है। इसी क्रम में भोपाल में आयोजित यह प्रदर्शन कांग्रेस के विरोध अभियान का हिस्सा रहा, जिसमें पार्टी ने आयोग के फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई।

दिल्ली में SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वोटरों का भरोसा बढ़ाने के लिए EC को कदम उठाने का निर्देश

आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, 12.69 करोड़ अस्पताल भर्ती मामलों को मंजूरी, जानें कितनी सफल रही PM-JAY

याचना नहीं अब रण होगा...बिहार के किसान परिवार से निकला वो लड़का, जिसकी कविताओं से थरथराती थी अंग्रेजी सरकार

बॉम्बे हाई कोर्ट की विजय माल्या को सख्त चेतावनी, सोशल मीडिया पर कोर्ट के दस्तावेज न करें पोस्ट

PM मोदी की मिमिक्री पड़ी भारी! विवाद के बाद कॉमेडियन पुलकित मणि के शो रद्द, मिलीं धमकियां