Bhopal Teacher Recruitment Protest: मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। करीब एक महीने से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी पिछले पांच दिनों से लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई के बाहर धरने पर बैठे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की है। इसके साथ ही दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग भी की जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा और चयन प्रक्रिया में सफल हुए हैं, लेकिन सीमित पदों के कारण सभी को नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
आंदोलन के बीच एक अभ्यर्थी पिछले 9 दिनों से निर्जला उपवास पर बैठा है। उनका कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा है।
निर्जला उपवास पर बैठे अभ्यर्थी ने कहा कि हम तो भारत में रहने के लिए भी आज शर्मिंदा हो रहे हैं। ना नेता साथ दे रहे हैं, ना जनता। हम गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं। अब तक कोई अधिकारी हमसे बात करने नहीं आया, लेकिन पुलिसकर्मी हमें लगातार धमका रहे हैं।
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देर रात कुछ पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी की। उनका यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को धरना स्थल से जबरदस्ती हटाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों का दावा है कि पुलिस की ओर से उन्हें कहा गया कि यदि वे धरने से नहीं उठे तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
वहीं, सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर कहा गया है कि प्रक्रिया नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ रही है। शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का कहना है कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं कर रही है और न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एक तरफ अभ्यर्थी पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर डीपीआई के बाहर डटे हुए हैं, तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश सरकार भर्ती प्रक्रिया को न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक संचालित करने की बात कह रही है। इस बीच एक अभ्यर्थी का कई दिनों से निर्जला उपवास जारी है और प्रदर्शनकारियों तथा प्रशासन के बीच बातचीत नहीं होने से गतिरोध बना हुआ है।