शक्कर के दामों में उछाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

त्योहारी सीजन में महंगाई ने कड़वी की चीनी की मिठास, 2 रुपये महंगी होकर 62 पर पहुंची शक्कर

Sugar Price Increase : त्योहारी सीजन से पहले भोपाल में शक्कर 2 रुपए किलो महंगी होकर 62 रुपए पहुंच गई। बढ़ती कीमतों से ग्राहक, दुकानदार और मिठाई कारोबारी परेशान हैं।

शिवम दत्त तिवारी, प्रीतेश जैन

Bhopal Sugar Price Hike : त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर के दामों में तेजी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। भोपाल के थोक बाजार में 19 अगस्त को शक्कर के भाव में 2 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद कीमत 60 से बढ़कर 62 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। शक्कर के बढ़ते दामों का असर अब घर की रसोई से लेकर मिठाई और खाद्य कारोबार तक दिखाई देने लगा है।

शक्कर की कीमत बढ़ने से किराना दुकानदारों के सामने भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक शक्कर का भाव पूछने के बाद कई बार बिना खरीदारी किए ही वापस लौट जाते हैं। बाजार में नया माल मंगाने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कारोबारियों को आशंका है कि पुराना स्टॉक खत्म होने के बाद नए माल की कीमत और बढ़ सकती है।

मिठाई की लागत बढ़ने की आशंका

त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने वाली है। ऐसे में शक्कर के दाम बढ़ने का सीधा असर इन उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि यदि शक्कर के भाव में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में मिठाइयों की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इससे त्योहारों के दौरान ग्राहकों का बजट और बिगड़ सकता है।

आम आदमी की रसोई पर बढ़ा बोझ

आम ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की कई चीजों की कीमतें पहले ही बढ़ी हुई हैं। ऐसे में शक्कर जैसी जरूरी वस्तु के महंगे होने से घरेलू बजट प्रभावित होता है। एक ग्राहक ने कहा कि रोजमर्रा का राशन आम परिवार की सबसे जरूरी जरूरत है और यदि इसकी कीमत लगातार बढ़ती रही तो परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।

सरकार बाजार में बढ़ाए हस्तक्षेप

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने शक्कर की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल बाजार में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को घरेलू बाजार में शक्कर की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर चीनी के आयात शुल्क में अस्थायी राहत देकर आयात की अनुमति देने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।

एथेनॉल नीति की समीक्षा की मांग

विवेक साहू ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में गन्ने और चीनी के इस्तेमाल का असर घरेलू बाजार में शक्कर की उपलब्धता पर नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए एथेनॉल नीति की व्यावहारिक समीक्षा की जरूरत है। साथ ही चीनी मिलों और बड़े स्टॉकधारकों के पास उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा न हो।

त्योहारी सीजन से पहले पर्याप्त स्टॉक जरूरी

व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में शक्कर की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में सरकार को त्योहार शुरू होने से पहले पर्याप्त स्टॉक बाजार में उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। जरूरत के मुताबिक अधिक स्टॉक जारी करने के साथ जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती जरूरी है। व्यापारियों का कहना है कि नियमित आपूर्ति बनी रहने से अचानक होने वाली तेजी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

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