Bhopal Heavy Rain Drainage Waterlogging: भोपाल में गुरुवार रात हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। कई इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आईं। बारिश के बाद उत्पन्न हालात को लेकर महापौर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बारिश जहां एक ओर प्राकृतिक आशीर्वाद है।
वहीं दूसरी ओर नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती भी साबित हुई। उन्होंने दावा किया कि निगम की टीम ने पूरी रात मैदान में रहकर हालात को काफी हद तक सामान्य कर दिया।
महापौर के अनुसार तेज बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बनी। नगर निगम के कर्मचारियों ने रातभर अभियान चलाकर सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाया और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया था, जिसके कारण अधिकांश स्थानों पर स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
बारिश के बाद जलभराव को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महापौर ने कहा कि मानसून से पहले भोपाल शहर के नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया था। उनके अनुसार नगर निगम की तैयारियों का ही परिणाम है कि अधिकांश बस्तियों में पानी भरने जैसी गंभीर स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा कि निगम ने संभावित बारिश को देखते हुए पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली थीं।
महापौर ने जल निकासी प्रभावित होने के लिए कुछ हद तक नागरिकों की भूमिका को भी जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि नालों की सफाई के बाद भी कई लोग कचरा नालों और जल निकासी मार्गों में फेंक देते हैं, जिससे पानी का प्रवाह बाधित होता है। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाए रखने के लिए नागरिकों को भी जिम्मेदारी का परिचय देना होगा।
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शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आने पर महापौर ने कहा कि कुछ स्थानों पर पीडब्ल्यूडी की सड़कें ऊंची या चौड़ी होने के कारण पानी निकासी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि यदि सड़कों से पानी निकलने का पर्याप्त रास्ता नहीं होगा तो जलभराव होना स्वाभाविक है। महापौर ने कहा कि इस तरह की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा।