भोपाल स्वास्थय शिविर कांग्रेस (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

भोपाल में कांग्रेस की बड़ी हेल्थ स्ट्राइक, राहुल गांधी के जन्मदिन पर लगाया मुफ्त शिविर; जुटे सैकड़ों नागरिक

Health Camp By Congress: भोपाल PCC में राहुल गांधी के जन्मदिन पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और हिंदी मेडिकल शिक्षा पर उठाए सवाल।

सजल रघुवंशी

Rahul Gandhi Bithday Medical Camp Bhopal: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के डॉक्टर एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

आयोजित स्वास्थ्य शिविर में आम नागरिकों के लिए ईसीजी, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बीएमआई जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श दिया गया और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

पीसी शर्मा ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

इस अवसर पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसके कारण मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की। शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

शिक्षा और स्वास्थ्य को बताया सबसे अहम क्षेत्र

पीसी शर्मा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की प्रगति के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। यदि इन क्षेत्रों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई तो आम जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम पर जताई चिंता

पूर्व मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा में हिंदी माध्यम को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी और संसाधनों के यदि चिकित्सा शिक्षा को पूरी तरह हिंदी माध्यम में लागू किया जाता है तो भविष्य में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस डॉक्टर एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सिंह धाकड़ सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, चिकित्सक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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