मेट्रो निर्माण के बीच सड़कों पर धूल का गुबार फोटो सोर्स - नवभारत
भोपाल

Bhopal News: मेट्रो निर्माण के बीच सड़कों पर धूल का गुबार, राहगीर परेशान, दुकानदारों की बिक्री प्रभावित

Metro Construction : भोपाल की सड़कों पर उड़ती धूल से आम लोगों की परेशानी बढ़ी। दोपहिया वाहन चालकों ने भी जताई चिंता। नियमित पानी के छिड़काव और सफाई की मांग।

शिवम दत्त तिवारी, शाजेब खान

Bhopal Metro Construction Dust Problem : भोपाल में मेट्रो और फ्लाईओवर जैसे विकास कार्यों के बीच सड़कों पर उड़ती धूल लोगों के लिए परेशानी बन रही है। प्रभात चौराहे पर वाहनों के गुजरने से धूल का गुबार उठता है, जिससे राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित सड़क पर नियमित सफाई और पानी के छिड़काव की मांग की है।

ठेले पर रखा सामान साफ करना मुश्किल, कारोबार पर असर

प्रभात चौराहे पर नवभारत की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान स्थानीय लोगों और ठेला लगाकर सामान बेचने वाले दुकानदारों ने अपनी परेशानियां बताईं। उनका कहना है कि मेट्रो का काम शुरू होने के बाद से आसपास धूल उड़ने की समस्या बनी हुई है। ठेलों और सामान पर बार-बार धूल जम जाती है जिसे साफ करने में समय लगता है। दुकानदारों के मुताबिक धूल के कारण ग्राहक ठेलों के पास रुकने से बचते हैं।जिससे उनकी बिक्री भी प्रभावित हो रही है।

धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका

भोपाल शहर में स्थानीय लोगों ने लगातार धूल के संपर्क में रहने से अपने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई। हवा में मौजूद बारीक धूल के कण आंखों में जलन, खांसी और सांस संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। अस्थमा या सांस की पहले से परेशानी झेल रहे लोगों के लिए भी धूल जोखिम बढ़ा सकती है।

वाहन चालकों को भी हो रही परेशानी

चौराहे से गुजरने वाले वाहन चालकों ने सड़क पर जमा मिट्टी, गड्ढों और खराब हिस्सों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि वाहनों पर लगातार धूल जमती है और बार-बार सफाई करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान सड़क की स्थिति बेहतर रखने और धूल को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।

निर्माण प्रभावित इलाकों में पहले भी उठ चुका है मुद्दा

प्रभात चौराहे से रत्नागिरी की ओर मेट्रो और PWD फ्लाईओवर निर्माण के बीच धूल की समस्या पहले भी रिपोर्ट की जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुछ दुकानदार धूल से बचाव के लिए दुकानों पर पारदर्शी प्लास्टिक पर्दे लगाने लगे हैं। निर्माणाधीन सड़कों पर खुली मिट्टी, मलबे और अधूरी सतहों से वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ने की समस्या सामने आई है।

पानी का छिड़काव और नियमित सफाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसियों से प्रभावित सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने, जमा मिट्टी हटाने, निर्माण मलबे का उचित निस्तारण करने और खराब सड़क की मरम्मत करने की मांग की है। निर्माण सामग्री को ढककर रखना और धूल रोकने के प्रभावी उपाय अपनाना भी जरूरी है। लोगों का कहना है कि मेट्रो और अन्य विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इनके दौरान आम नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य और दुकानदारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

त्रिपुरा में युवक के साथ बदतमीजी पर बवाल, स्टूडेंट्स फोरम ने की FIR की मांग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO

भारत बनेगा ग्लोबल केमिकल्स हब: केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और सीएम फडणवीस ने की 'इंडिया केम 2026' की शुरुआत

तिरंगे की तस्वीर से आपत्ति! रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाने का आदेश, जानें क्या है पूरा विवाद

मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं... राहुल गांधी विदेश यात्रा से जुड़े सवाल पर भड़के शशि थरूर, दिया दो टूक जवाब

बंगाल के मालदा में BJP कार्यकर्ता की हत्या, पहले धारदार से हथियार किया हमला, फिर मारी गोली, इलाके में तनाव