Bhopal Congress SIR Protest : भोपाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस जीतू पटवारी समेत कुछ प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर मौके से ले जाने लगी। इसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और कुछ कार्यकर्ता बस के सामने बैठ गए। इसी दौरान जीतू पटवारी भी बस से नीचे उतर आए और दोबारा प्रदर्शन में शामिल हो गए। मौके पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक खींचतान की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अलग तरीका भी अपनाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने एक कार्यकर्ता को जंजीरों में जकड़ा हुआ दिखाया गया। जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उस कार्यकर्ता को जंजीरों से पकड़े नजर आए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए SIR को लेकर अपनी आपत्ति जताई।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन एक मीडिया हाउस की 23 सितंबर को प्रकाशित जांच रिपोर्ट के बाद SIR को लेकर बढ़े राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची और SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा के प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल थे।
एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण दिया। आयोग की ओर से कहा गया कि SIR से जुड़े फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। ऐसे में एक ओर जहां कांग्रेस इस रिपोर्ट को आधार बनाकर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, वहीं आयोग ने निर्णय प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल हैं। भोपाल में मुख्य चुनाव पदाधिकारी कार्यालय के घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने इन्हीं मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच मौके पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।