

Bhopal SAGE University Protest : भोपाल के कटारा हिल्स बायपास स्थित SAGE यूनिवर्सिटी के हॉस्टल मेस में खाने में कीड़े मिलने के आरोप के बाद रविवार रात छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। करीब 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में धीरे-धीरे 300 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हॉस्टल से बाहर निकल आए और नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर कटारा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रात 11 बजे तक छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल के खाने में पिछले एक महीने के दौरान दो से चार बार कीड़े मिल चुके हैं। उनका कहना है कि पहले भी प्रबंधन से इसकी शिकायत की गई, लेकिन खाने की गुणवत्ता और हाइजीन को लेकर पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। रविवार रात रोटियों में कीड़े मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गर्ल्स हॉस्टल के खाने को लेकर भी शिकायतें रखीं। उनका दावा है कि भोजन में रोजाना बाल मिलते हैं। छात्रों ने हॉस्टल में उपलब्ध सुविधाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फीस और फैसिलिटी के अनुपात में उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा छात्रों ने एक फैकल्टी पर धमकाने और नशे में रहने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
राजधानी भोपाल की इस प्रतिष्ठित SAGE यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आरोप लगाया कि रात के स्पेशल स्वीट के तौर पर सड़े हुए रसगुल्ले भी परोसे गए। उनका कहना है कि खाने में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद भी भोजन को तत्काल बदलने के बजाय वही खाना परोसा गया। छात्रों ने मेस की हाइजीन, भोजन की गुणवत्ता और किचन की साफ-सफाई पर ध्यान देने की मांग की है।
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद कटारा हिल्स थाना पुलिस बल यूनिवर्सिटी पहुंचा। पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्रों की मांग थी कि खाने की क्वालिटी की जांच कराई जाए और बार-बार सामने आ रही शिकायतों का स्थायी समाधान किया जाए।
कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो शेयर कर निजी विश्वविद्यालयों की निगरानी को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि फीस लेने वाले निजी विश्वविद्यालय में यदि छात्रों को भोजन को लेकर ऐसी शिकायतें हैं तो उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी और जवाबदेही क्या है। चौधरी ने छात्रों की सेहत और सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करने तथा शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए। यह उनके द्वारा उठाए गए राजनीतिक सवाल हैं।