Arrawati Gram Panchayat Corruption: भोपाल के अंतर्गत आने वाली अर्रावती ग्राम पंचायत में कथित लाखों रुपए के घोटाले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सुनवाई नहीं होने और लगातार शिकायतों पर कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और फर्श पर बैठकर विरोध जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण, मंदिर चबूतरे पर टीन शेड निर्माण और पुलिया निर्माण जैसे कार्य केवल कागजों में दिखाकर लाखों रुपए निकाल लिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। इस कथित अनियमितता को लेकर गांव में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल तक से की थी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर गड़बड़ी के आरोप हैं, वे अभी भी पंचायत कार्यों में सक्रिय हैं।
धरना दे रहे लोगों ने मांग की है कि पुराने सचिव और पूर्व सरपंच से कथित राशि की वसूली की जाए और नए सरपंच को पंचायत कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी कार्य में अनियमितता पाई जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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मध्य प्रदेश पंचायत विभाग के खिलाफ ग्रामीणों के आक्रोश के बीच लोगों ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बार-बार अधिकारियों के पास शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला, कार्रवाई नहीं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।