बैरसिया में ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

Bhopal News: पंचायत में लाखों के कथित घोटाले पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना

Villager Protest Bhopal: अर्रावती में श्मशान सौंदर्यीकरण और पुलिया निर्माण के नाम पर हुए लाखों के कथित गबन के विरोध में ग्रामीणों ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

सजल रघुवंशी

Bhopal Arrawati Panchayat Scam: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसकी वजह से कई ग्रामीणों का आक्रोश सातवे आसमान पर है। दरअसल, ग्राम बैरसिया के अर्रावती ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले को लेकर ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और फर्श पर बैठकर विरोध जताया।

ग्रामीणों ने पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि श्मशान घाट के सौंदर्यकरण, मंदिर चबूतरे पर टीन शेड निर्माण और पुलिया निर्माण जैसे कार्य सिर्फ दस्तावेजों में दर्शाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए।

ग्रामीणों ने लगाया काम न करने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में जिन विकास कार्यों का रिकॉर्ड में उल्लेख किया गया है, वे जमीनी स्तर पर कहीं दिखाई नहीं देते। उनका कहना है कि कई योजनाओं के नाम पर राशि तो निकाल ली गई, लेकिन मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल से भी की गई थी। इसके बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप वह अब भी कार्यरत- ग्रामीण

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, वही अब भी पंचायत के कार्यों में सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने पुराने सचिव और पूर्व सरपंच से राशि की रिकवरी करने और नए सरपंच को पंचायत कार्यों की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आगे भी किसी काम में गड़बड़ी होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वह लगातार जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सुनवाई नहीं होने से गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।

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