Arif Masood Statement On Bhojshala Verdict: धार भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने भोजशाला को मंदिर माना और हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति भी दे दी। कोर्ट के इस निर्णय पर आरिफ मसूद ने नाराजगी जताई है।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। विधायक ने कहा कि वह इस निर्णय से सहमत नहीं हैं।
आरिफ मसूद ने भोजशाला में नमाज पर रोक से जुड़े फैसले को लेकर कहा कि फिलहाल प्रशासन को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए क्योंकि मुस्लिम पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने से नहीं रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं।
बता दें कि भोपाल के हुजूर विधानसभा छेत्र से विधायक रामेश्वर शर्मा ने भोजशाला मामले में आए फैसले को सनातन की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर विश्वास हमेशा बना रहा और भरोसा था कि अंततः सत्य की ही जीत होगी। विधायक के मुताबिक, भोजशाला को लेकर सनातन समाज ने लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने सनातन धर्म और आस्था की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले करोड़ों हिंदुओं को नमन भी किया।
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रामेश्वर शर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुस्लिम समाज भी इस निर्णय और सत्य को स्वीकार करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन मंदिरों और हिंदू स्मृति चिन्हों को मुगलकाल में नुकसान पहुंचाया गया, उन्हें वापस कर आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया जाना चाहिए।