Amit Shah Big Announcement For Madhya Pradesh: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 से पहले पूरी तरह से नारकोटिक्स (नशा) मुक्त बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने अभिभावकों और विशेषकर माताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनके बेटे-बेटियों के जीवन में नशे के लिए कोई जगह नहीं होगी।
राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ उनकी एक अहम बैठक प्रस्तावित थी, हालांकि एक अर्जेंट वर्चुअल मीटिंग में शामिल होने के कारण अफसरों के साथ यह बैठक नहीं हो पाई।
विपक्षी दल कांग्रेस के विरोध का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि वे आज 10 साल के कामकाज का हिसाब देने आए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां पिछले 75 सालों में देश का कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन तक पहुंचा था, वहीं मोदी सरकार ने महज 10 वर्षों में इसे 25 करोड़ टन तक पहुंचा दिया है।
इससे पहले, अमित शाह ने भोपाल के होटल ताज में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग सहित भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान भाजपा के नए संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी भी उपस्थित रहे।
अमित शाह ने कहा कि मेरी एक मीटिंग मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ है। हम मध्य प्रदेश को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं। मध्य प्रदेश नारकोटिक्स से मुक्त हो जाए 31 दिसंबर 2029 के पहले, इस प्रकार की बारीक प्लानिंग आज हम करना चाहते हैं।और मैं मध्यप्रदेश के सारे अभिभावकों को, विशेष कर माताओं को कहने आया हूँ - 31 दिसंबर 2029 के बाद आपके बेटे-बेटी के लिए मध्यप्रदेश में नशे की जगह ही नहीं होगी, उनका उज्ज्वल भविष्य होने वाला है।
बता दें कि, अमित शाह ने प्रदेश में कई डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत वाले 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शाह ने भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को बोनस तथा गौशालाओं को सहायता राशि भी वितरित की।