भोपाल में चल रही मेट्रो ट्रेन।  
मध्य प्रदेश

भोपाल में अंडरग्राउंड भी चलेगी मेट्रो, 65 फीट गहराई में बनेगा एमपी का पहला अंडरग्राउंड कॉरिडोर

Bhopal News: भोपाल मेट्रो परियोजना जमीन के नीचे भी इतिहास रचने जा रही है। यहां ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें भोपाल पहुंच गई हैं। मार्च से काम होगा।

रंजन कुमार

MP Metro: अब भोपाल मेट्रो परियोजना जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन के नीचे इतिहास रचने जा रही है। ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए देश की सबसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) भोपाल पहुंच चुकी हैं। मध्य प्रदेश में पहली बार 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड मेट्रो टनल बनेगी, जो पुल पातारा से बड़ा बाग सिंधी कॉलोनी तक फैलेगी।

इस ट्विन टनल के जरिए मेट्रो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। 65 फीट गहराई में बनने वाली टनल शहर के ट्रैफिक और विरासत को बिना प्रभावित किए परिवहन की नई राह खोलेगी। मार्च से टीबीएम मशीनों से खोदाई का काम शुरू होगा। अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से करोंद की तरफ आ रही मेट्रो लाइन जुड़ेगी।

बेंगलुरू से आई टीबीएम मशीन

आरेंज लाइन के अंडरग्राउंड कॉरिडोर को बनाने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने टीबीएम मशीन को बेंगलुरू से खरीदा है। एक मशीन की गोलाई लगभग 5.8 मीटर है। एक मशीन एक दिन में औसत 15 मीटर तक खोदाई करेगी। अंडरग्राउंड कॉरिडोर की खोदाई जमीन से औसत 19-20 मीटर, 65 फीट नीचे होगी ।

एक साथ बनेगी ट्विन टनल

पुल पातारा से बड़ा बाग सिंधी कॉलोनी तक ट्विन टनल का काम एक साथ किया जाएगा। इस बीच दो मेट्रो स्टेशन रहेंगे। पहला भोपाल रेलवे स्टेशन और दूसरा नादरा बस स्टैंड। यहां एसकेवेशन वर्क सरल भाषा में इसको अंडरग्राउंड सेक्शन का काम चल रहा है। यहां से टीबीएम टनल बनाने का काम शुरू करेगी।

मार्च से शुरू होगा खुदाई का काम

टीबीएम मशीन के आने के बाद इनके पार्ट जोड़े जाने है। फिर टेस्टिंग की जाएगी। इसके बाद अंडरग्राउंड खुदाई का काम शुरू होगा। इस चलते मेट्रो प्रबंधन ने मार्च 2026 से इस काम की शुरूआत करेगा।

टीबीएम मशीनी के बारे में जानकारियां

लागत: 100 करोड़ प्रति मशीन। रफ्तार: रोज 15 मीटर की खुदाई। आकार: 5.8 मीटर व्यास की गोलाई। खासियत: एक साथ दो सुरंगों का निर्माण।

क्या है टीबीएम तकनीक?

टीबीएम यानी टनल बोरिंग मशीन जमीन के नीचे गोलाकार सुरंग बनाती है। खुदाई के साथ टनल को मजबूत करने का काम शोर, कंपन और सतह पर नुकसान बेहद कम होगा। वरिष्ठ अधिकारी एस. कृष्ण चैतन्य के अनुसार इसके पार्ट इंस्टोल किए जाएंगे। यह जमीन के नीचे 19 से 20 मीटर, 65 फीट नीचे टनल बनाएगी। यह काम मार्च 2026 से शुरू होगा।

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