Bhopal Bar Association Election Dispute: भोपाल जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब जिला बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर वकीलों के दो गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि झूमाझटकी तक की नौबत आ गई और पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि आमसभा में बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की वजह से यह विवाद पैदा हुआ। एक पक्ष का आरोप है कि कार्यकारिणी ने पहले जगमोहन शर्मा को 19 वोटों के बहुमत से मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था लेकिन बाद में अचानक अध्यक्ष की सहमति से इंद्रजीत राजपूत को इस पद पर नियुक्त कर दिया गया इसी फैसले को लेकर वकीलों में नाराजगी बढ़ती गई।
गुरुवार शाम को भी राजधानी भोपाल के जिला न्यायालय परिसर में हंगामा हुआ था, विवाद सुलझाने के लिए शुक्रवार को आमसभा बुलाने का निर्णय लिया गया लेकिन आमसभा में भी सहमति नहीं बन सकी और विरोध तेज हो गया। वकीलों के एक गुट ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन महीने पहले ही खत्म हो चुका है, ऐसे में उसके फैसलों की वैधता पर सवाल उठता है।
लगातार हंगामे और विरोध के चलते, आमसभा को निरस्त कर दिया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खरे के मुताबिक, 'आमसभा को आगे नहीं बढ़ाया जा सका, मुख्य चुनाव अधिकारी की घोषणा हो चुकी है, चुनाव की तारीख जल्द घोषित की जाएगी।'
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बता दें कि बार एसोसिएशन का चुनाव अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, कानूनी पेशे की मर्यादा बनाए रखने और न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ये चुनाव सक्षम नेतृत्व, वकीलों के कल्याण, और बार एवं बेंच (न्यायाधीशों) के बीच स्वस्थ संबंधों को बनाए रखने के लिए होता है।