बालाघाट डबलमनी कांड़ (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बालाघाट

बालाघाट: डबलमनी कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, हरिद्वार में छिपा था 500 करोड़ से भी अधिक की ठगी का आरोपी

Double Money Scam: बालाघाट के ₹500 करोड़ के डबलमनी कांड का मास्टरमाइंड सोमेंद्र कांकरायने हरिद्वार से गिरफ्तार, साधु का भेष बदलकर फरारी काट रहे मुख्य आरोपी सहित 8 दबोचे गए।

सजल रघुवंशी

Balaghat Double Money Scam: बालाघाट के बहुचर्चित डबलमनी कांड में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। 500 करोड़ रुपये से भी अधिक के निवेश ठगी के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड सोमेंद्र कांकरायने को बालाघाट पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है।

इस कार्रवाई में उसके साथ 7 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है। इस मामले में जिले के अलग-अलग थानों में 63 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं और हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई दांव पर लगी है। पुलिस अब सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की तैयारी में है।

डबलमनी कांड के मुख्य आरोपी को बालाघाट पुलिस ने किया गिरफ्तार

बालाघाट जिले का बहुचर्चित डबलमनी कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड सोमेंद्र कांकरायने को बालाघाट पुलिस ने हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई में उसके साथ 7 अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है।

कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देता था आरोपी

जानकारी के अनुसार, यह गिरोह लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेश कराता था। शुरुआत में कुछ लोगों को मैच्योरिटी की राशि देकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये लेकर नेटवर्क बंद कर दिया गया। इस मामले में जिले के विभिन्न थानों में 63 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं और ठगी की राशि करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। हजारों लोग इस धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं।

पहली गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत, बाद में आरोपी फरार

पुलिस के मुताबिक, पहली गिरफ्तारी के बाद सोमेंद्र कांकरायने जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने हरिद्वार में साधु का भेष बना लिया था और धार्मिक स्थलों पर रह रहा था। इधर पुलिस ने उसकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां सीज कर दी थीं और जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने रणनीति के तहत एक जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति दी, जिसके बाद आरोपी और उसके साथियों ने टेलीग्राम ऐप के जरिए बातचीत और लेन-देन शुरू किया। यही पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक जुड़े हो सकते हैं गिरोह के तार

तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर विशेष टीम हरिद्वार पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर मुख्य आरोपी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में गिरोह के तार मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक जुड़े होने की बात सामने आई है।

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है। एसपी आदित्य मिश्रा का कहना है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है और इस मामले में आगे भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अब पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरे डबलमनी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

https://youtu.be/F0MH9EZbsBU?si=XwD0kdyFbrSkk7ly

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