World Food Safety Day 2026: खराब और दूषित भोजन करने की वजह से हर साल हजारों लोग बीमार पड़ते हैं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा फूड सेफ्टी का मकसद यह भी सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।
हाल ही में विश्व स्वास्थय संगठन ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों और मौतों का जिक्र किया गया है। यह रिपोर्ट साल 2000 से 2021 के बीच 194 देशों के आंकड़ों का अध्ययन करके पेश की गई है, जिसमें अफ्रीकी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में ज्यादा खतरा पाया गया है। खासकर 5 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों में बीमारियों का खतरा 3 गुना अधिक है।
दुनियाभर में हर साल दूषित खाने से 86.6 करोड़ लोग बीमार होते हैं, जिसमें से 15 लाख की मृत्यु हो जाती है।
इस साल मनाया जाने वाला वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे का थीम ‘बोझ से समाधान तक-हर जगह सुरक्षित भोजन’ (From Burden to Solutions – Safe Food Everywhere) तय किया गया है। इस थीम का उद्देश्य दूषित खाने से होने वाली बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करना है, इसके लिए डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। खेत से लेकर भोजन के थाली में पहुंचने तक भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को बनाए रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सरकार, उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जाना चाहिए, ताकि खाद्य संबंधी जोखिमों को रोका जा सके।
वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की शुरुआत यूएनओ ने खाद्य सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और खाद्य जनित बीमारियों को रोकने से संबंधित कार्यों को बढ़ावा देने के लिए किया था। यूएनओ की जनरल असेंबली ने 20 दिसंबर 2018 को फूड सेफ्टी डे मनाने का फैसला किया और इसके लिए 7 जून की तारीख तय की गई। 7 जून 2019 को पहली बार वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनाया गया था। उसके बाद से इस दिन को हर साल मनाया जाने लगा।
भोजन मानव शरीर और उसके पूरे जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन यह न सिर्फ जिंदा रहने के लिए जरूरी है, बल्कि ऐसा भोजन करना भी आवश्यक है, जो सेहत के लिए अच्छा हो। इस बारे में लोगों को सचेत और जागरूक करने के लिए वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे के मौके पर दुनिया भर के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आज का दिन लोगों को यह भी बताता है कि दूषित खाने से पनपने वाली बीमारियां लोगों के लिए खतरा बन रही हैं। हर साल खाने से होने वाली बीमारियों के 600 मिलियन से अधिक मामले सामने आते हैं। जिनमें से लाखों लोग मौत का भी शिकार हो जाते हैं।
ये भी पढ़ें- World Poha Day 2026: सुदामा की पोटली से लेकर इंदौर की गलियों तक, जानिए भारत के पसंदीदा नाश्ते की दिलचस्प कहानी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा सुरक्षित खाद्य उपलब्ध करवाने के लिए पहला राज्य खाद्य सुरक्षा इंडेक्स विकसित किया गया है। खाद्य तेल और घी में हुई मिलावट के बारे में एक मिनट से कम समय में पता लगाने के लिए विशेष उपकरण ‘रमन 1.0’ लांच किया गया है।