Animal Protection Day: हर साल 4 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ पालतू जानवरों के प्रति प्यार जताने या उनके साथ केवल इमेज शेयर करने तक के लिए नहीं है, बल्कि इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में जानवरों के कल्याण, उनकी सुरक्षा और उनके प्रति जिम्मेदारी निभाने और जागरूकता बढ़ाना है।
हमारे आसपास रहने वाले जानवर इंसानों पर कई तरह से निर्भर होते हैं। पालतू जानवरों की देखभाल से लेकर सड़कों पर रहने वाले पशुओं के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था तक, छोटी-छोटी जिम्मेदारियां भी उनके जीवन में बड़ा फर्क ला सकती हैं।
4 अक्टूबर को ईसाई परंपरा में जानवरों और प्रकृति के संरक्षक माने जाने वाले सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी के पर्व से जोड़ा जाता है। इसी वजह से इसी तारीख को जानवरों के प्रति संवेदनशीलता और उनके कल्याण के लिए समर्पित है। इसका मकसद अलग-अलग देशों और समुदायों को पशु कल्याण के लिए साथ लाना है।
कुत्ता, बिल्ली या किसी भी पालतू जानवर को पालना केवल घर लाने तक की जिम्मेदारी नहीं है। उसके भोजन, साफ पानी, हेल्थ, वैक्सिनेशन जैसी कई अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखना होता है। किसी जानवर को केवल ट्रेंड या शौक के लिए घर लाकर बाद में उसकी देखभाल न कर पाना उसके लिए परेशानी बन सकता है। इसलिए किसी भी पालतू को अपनाने से पहले अपनी क्षमता और समय को पहले समझना जरूरी है।
सड़कों पर रहने वाले जानवरों के लिए गर्मी और सर्दी दोनों मुश्किल हो सकते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में उनके लिए साफ पानी का इंतजाम करना भी बड़ी बात है। अगर कोई घायल या बीमार जानवर दिखाई दे, तो उसे स्थानीय पशु चिकित्सक या पशु कल्याण संस्था के पास ले जाना चाहिए।
इन सबके साथ ही जानवरों को खाना खिलाते समय भी जिम्मेदारी जरूरी है। ऐसा भोजन न दें जो उनके लिए नुकसानदायक हो और भोजन को ऐसी जगह पर न रखें, जहां ट्रैफिक ज्यादा हो।
वर्ल्ड एनिमल डे का संदेश 4 अक्तूबर या किसी एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। जानवरों के प्रति संवेदनशीलता रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा होना चाहिए।
उनके प्राकृतिक आवास और आसपास के पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाना, प्लास्टिक और कचरा खुले में न फेंकना, पालतू जानवरों की पूरी जिम्मेदारी से देखभाल करना और जरूरत पड़ने पर घायल जानवर की मदद करना भी रोजमर्रा की आदत में होना चाहिए।