गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि (सौ.सोशल मीडिया) 
लाइफस्टाइल

कौन थे गणतंत्र दिवस पर पहले मुख्य अतिथि, कब से हुई चीफ गेस्ट को आमंत्रित करने की परंपरा

गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है।मुख्‍य अतिथि कई औपचारिक गतिविधियों में सबसे आगे रहते हैं।

दीपिका पाल

76th Republic Day 2025: हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाने वाला है इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर पर चल रही है। गणतंत्र दिवस के दिन हर कोई भारतीय देश के प्रति अपनी भक्ति का प्रदर्शन करते है। गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है।मुख्‍य अतिथि कई औपचारिक गतिविधियों में सबसे आगे रहते हैं। उन्हें भारत के राष्ट्रपति के सामने 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) दिया जाता है।

आखिर क्यों इस प्रकार की परंपरा हर साल निभाई जाती है और आजाद भारत के पहले मुख्य अतिथि कौन थे इसकी जानकारी चलिए जानते है...

इस वजह से हुई चीफ गेस्ट को बुलाने की परंपरा

आपको बताते चलें कि, गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल किसी ना किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को बुलाया जाता है। इस बार 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्‍य अतिथि के तौर इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Indonesia President Prabowo Subianto) को भारत बुलाया जा रहा है। बताया जाता है कि, इस परंपरा को शुरु करने के पीछे की वजह दरअसल पहले गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी 1950 को जाता है। यानि उस दिन जब पहली बार भारत के हिस्से में गणतंत्र दिवस मनाने की खुशी आई थी उस दौरान आखिर लंबे अरसे के बाद भारत को ब्रिटिश हुकूमत से छुटकारा मिला था।

पहला गणतंत्र दिवस 1950 (सौ.सोशल मीडिया)

ऐसे में भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक संबंधों को दिखाने के लिए और गणतंत्र दिवस के दिन को बेहद खास बनाने के लिए दूसरे देश के राष्‍ट्राध्‍यक्ष को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया। इस परंपरा को हर साल निभाया जाता है जो देश की नीतियों और अखंडता को प्रस्तुत करता है।

इंडोनेशिया से आए थे पहले गणतंत्र दिवस के अतिथि

आपको बताते चलें कि, पहली बार गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था उस दौरान पहले मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे। उस दौरान देश में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड 1950 में आयोजित की गई थी। बताया जाता है कि, इरविन एम्फीथिएटर के नाम के स्टेडियम जो अब मेजर ध्यानचंद स्टेडियम हो गया है इसमें आयोजित की गई थी। परेड में 3 हजार भारतीय सैन्य कर्मियों और 100 से अधिक विमानों ने भाग लिया था। पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड का आयोजन नहीं हुआ था जिसे आने वाले साल 1955 में आयोजित किया गया था। उस दौरान परेड में मुख्‍य अतिथि के तौर पर पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

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