हेयर स्पा और हेयर मास्क बालों को कंडीशन करने में मदद करते हैं।
केरोटिन ट्रीटमेंट का मुख्य उद्देश्य बालों का फ्रिज कम करना और उन्हें मैनेजेबल बनाना है।
डैंड्रफ और लगातार हेयर फॉल के लिए समस्या की सही वजह जानना जरूरी है।
Hair Treatments for Women: बाल रूखे और बेजान हो रहे हैं, फ्रिज की वजह से बाल अनमैनेजेबल हो गए हैं या स्कैल्प पर डैंड्रफ की समस्या बनी रहती है, ऐसे में हेयर स्पा से लेकर केरोटिन और स्कैल्प ट्रीटमेंट तक कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन हर ट्रीटमेंट हर तरह के बालों के लिए सही नहीं होता।
कुछ ट्रीटमेंट बालों को मुलायम और मैनेजेबल बनाने में मदद करते हैं, तो कुछ स्कैल्प प्रॉब्लम को दूर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में सैलून पर पैसे खर्च करने से पहले जान लें कि कौन-सा हेयर ट्रीटमेंट किस समस्या के लिए उपयोगी है और उसे चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अगर बाल रूखे, उलझे हुए और बेजान लगते हैं, तो हेयर स्पा आपके लिए अच्छा है। इसमें आमतौर पर डीप कंडीशनिंग, स्कैल्प मसाज और स्टीम का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बाल मुलायम और सुलझाने में आसान हो जाते हैं। हेयर स्पा बालों की देख-रेख का एक तरीका है, लेकिन इससे बालों का झड़ना बंद होने का ट्रीटमेंट नहीं होता है।
नमी के कारण बाल चिपचिपे हो जाते हैं और उन्हें स्टाइल करना मुश्किल होता है, तो केरोटिन या दूसरे स्मूदनिंग ट्रीटमेंट काम आते हैं। इनका असर इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट और बालों की बनावट पर निर्भर करता है।
ट्रीटमेंट कराने से पहले प्रोडक्ट के इंग्रेडिएंट्स जरूर पूछें। कुछ हेयर स्मूदनिंग प्रोडक्ट्स को गर्म करने पर फॉर्मल्डिहाइड गैस निकलती है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसलिए अच्छे प्रोफेशनल से ही ट्रीटमेंट लें।
क्या आपने कभी सोचा है कि सेलिब्रिटीज अपने बालों का नुकसान किए बिना ब्रुनेट से ब्लॉन्ड में कैसे बदल लेती हैं? यह ट्रीटमेंट ब्लीच और हीट स्टाइलिंग से बालों को होने वाले नुकसान के बीच एक लेयर बनाता है। अगर आपके बाल केमिकल ट्रीटमेंट से डैमेज हो गए हैं, तो यह ट्रीटमेंट आपके लिए बेस्ट है। बालों को बार-बार ब्लीच कराने, कलर करने या हीट स्टाइलिंग से नुकसान पहुंचता है। बॉन्ड-बिल्डिंग ट्रीटमेंट ऐसे बालों की मजबूती और बनावट को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
हेयर बोटॉक्स में आमतौर पर बालों पर कंडीशनिंग और स्मूदनिंग फॉर्मूला लगाया जाता है। इसमें इंजेक्शन नहीं लगाए जाते और यह चेहरे पर किए जाने वाले बोटॉक्स ट्रीटमेंट से अलग है। इससे बाल कुछ समय के लिए अधिक मुलायम, चमकदार और कम फ्रिजी दिखते हैं। अलग-अलग सैलून में इस नाम से अलग फॉर्मूले इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए प्रोडक्ट की जानकारी जरूर लें।
बालों की देखभाल केवल उनकी लंबाई तक सीमित नहीं है। अगर स्कैल्प पर डैंड्रफ, खुजली या ज्यादा ऑयल की समस्या है, तो सही स्कैल्प केयर जरूरी है।
हल्के डैंड्रफ में कीटोकोनाजोल, जिंक पाइरिथियोन या सैलिसिलिक एसिड जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट वाले एंटी-डैंड्रफ शैंपू मदद करते हैं। प्रोडक्ट के निर्देशों का पालन करें। समस्या लगातार बनी रहे या ज्यादा खुजली और लालिमा हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
नारियल या दूसरे उपयुक्त हेयर ऑयल से बालों की लंबाई पर हल्की मसाज करने से रूखे बाल मुलायम होते हैं। तेल बालों में नमी बनाए रखने और फ्रिक्शन कम करने में मदद करता है। तेल को हल्का गुनगुना करके लगाना चाहिए।
अगर आप सैलून पर खर्च नहीं करना चाहतीं, तो हेयर मास्क एक आसान विकल्प है। बाजार में उपलब्ध कंडीशनिंग मास्क को बालों की जरूरत के अनुसार चुना जा सकता है। बहुत पतले बालों में भारी मास्क ज्यादा लगाने से बाल चिपके हुए दिख सकते हैं। ऐसे में हल्का फॉर्मूला चुनें और बालों की लंबाई तथा सिरों पर लगाएं।
ट्रीटमेंट चुनने से पहले यह तय करें कि आपकी समस्या क्या है। रूखेपन के लिए कंडीशनिंग, फ्रिज के लिए स्मूदनिंग, केमिकल डैमेज के लिए रिपेयर ट्रीटमेंट और डैंड्रफ के लिए स्कैल्प केयर पर ध्यान दें।