चकराता में खूबसूरत नजारा। इमेज-एआई 
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भारत के इस खूबसूरत हिल स्टेशन पर विदेशी नागरिकों का जाना प्रतिबंधित, भारतीय भी फोटो-वीडियो नहीं बना सकते

Chakrata News: उत्तराखंड का ऑफबीट हिल स्टेशन चकराता विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित है। यह सैन्य कैंटोनमेंट एरिया है। यहां सुरक्षा कारणों से विदेशी नागरिकों के प्रवेश की मंजूरी नहीं है।

रंजन कुमार

Chakrata Hill Station: आप सुनकर हैरानी होंगे कि उत्तराखंड के खूबसूरत और ऑफबीट हिल स्टेशन चकराता में विदेशी नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। कोई विदेशी यहां आने की कोशिश करता है तो उन्हें रास्ते में ही रोक दिया जाता है। चकराता जाने से पहले बैरिकेडिंग लगी होती है, जहां पहचान पत्र (ID) की जांच की जाती है।

बता दें, चकराता कैंटोनमेंट एरिया है। मतलब यहां सेना की मौजूदगी रहती है। सुरक्षा कारणों के चलते सरकार ने विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। इस कारण बिना अनुमति विदेशी यहां घूम नहीं सकता। आप किसी विदेशी दोस्त या पार्टनर के साथ चकराता घूमने का प्लान बना रहे तो पहले यह नियम जरूर जान लें, वरना परेशानी हो सकती है।

सबसे सुरक्षित हिल स्टेशनों में से एक

देश के सबसे ज्यादा सुरक्षित हिल स्टेशनों में से एक चकराता माना जाता है। यह इलाका कैंटोनमेंट जोन में आता है। इस कारण यहां जगह-जगह भारतीय सेना के जवान दिखेंगे। यहां सेना की अहम एक्टिविटीज रहती हैं। खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव रहती हैं। चकराता ऊंचाई पर बसा है। यह भारत-चीन सीमा के काफी नजदीक है। सुरक्षा के लिहाज से ये इलाका बहुत संवेदनशील माना जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां विदेशी नागरिकों के आने पर रोक लगाई गई है। कोई विदेशी बिना अनुमति यहां आता है तो उसे रोका जा सकता है। यहां विदेशी नागरिक सिर्फ गृह मंत्रालय से खास अनुमति मिलने के बाद आ सकते हैं। बिना अनुमति प्रवेश की इजाजत नहीं है।

इन बातों का रखें ध्यान

चकराता में ऐसी जगहें भी हैं, जहां भारतीय नागरिकों को भी फोटो या वीडियो बनाने की इजाजत नहीं है। इन इलाकों में बोर्ड लगे होते हैं, जिन पर लिखा रहता है कि फोटो और वीडियो लेना मना है। कोई इन नियमों को नजरअंदाज करता है तो सेना के अधिकारी आप पर शक कर सकते हैं। ऐसे में आपको रोका जा सकता है। पूछताछ हो सकती है। आईडी प्रूफ भी दिखाना पड़ सकता है, इसलिए जहां फोटो लेने से मना हो, वहां मोबाइल या कैमरा बाहर न निकालें। नियमों का पालन करें।

रात में ड्राइव न करें

​चकराता जाने के दौरान कोशिश करें कि रात में ड्राइव न करें। उजाले में ही होटल या रिसॉर्ट ढूंढ लें। यह इलाका पहाड़ी है। यहां सड़कें काफी संकरी हैं। मोड़ भी तेज एवं खतरनाक हैं। कई जगहों पर सड़क लाइट नहीं होती, जिससे रात में चलना मुश्किल हो सकता है। बेहतर है कि अंधेरा होने से पहले रुकने की जगह तय कर लें। चकराता में होटल और रिसॉर्ट सीमित हैं, ऐसे में जहां भी सुरक्षित जगह मिले, वहीं रुकना समझदारी है। रात में गाड़ी खराब हो या टायर फट जाए तो मदद मिलना मुश्किल है। आसपास दूर-दूर तक पहाड़ होते हैं। सुविधाएं आसानी से नहीं मिलतीं। रात में सड़कों पर आवाजाही कम रहती है। दिन में लोगों से मदद मिलना आसान होता है।

कैसे पहुंचें चकराता?

आप चकराता पहुंचने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। सड़क मार्ग से चकराता देहरादून से 90 किलोमीटर दूर है। देहरादून से टैक्सी या बस आसानी से मिलती है। रेल मार्ग से नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है। यहां देश के बड़े शहरों से ट्रेनें आती हैं। हवाई मार्ग से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून सबसे नजदीक है। आप एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर चकराता पहुंच सकते हैं। रास्ता पहाड़ी है, इसलिए समय लेकर यात्रा करें।

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