File Photo 
लाइफस्टाइल

आज है 'कामदा एकादशी', पापों से मुक्ति के लिए जानिए सही मुहूर्त में किनकी करें पूजा- अर्चना

जो भक्त कामदा एकादशी व्रत रखता है तथा भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके सारे पाप मिट जाते हैं। जाने-अनजाने में किए गए कामों की क्षमा मांगने वाले भक्तों को भगवान विष्णु माफ कर देते हैं तथा आशीर्वाद देते हैं।

नवभारत डेस्क

-सीमा कुमारी

चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को 'कामदा एकादशी' (Kamada Ekadashi) का व्रत रखा जाता है। इस साल 'कामदा एकादशी'का पावन व्रत 12 अप्रैल, मंगलवार के दिन है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और 'कामदा एकादशी' व्रत कथा का पाठ भी करते हैं।

ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक, 'कामदा एकादशी' का व्रत रखने से सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति होती है, यदि आप किसी पाप का प्रायश्चित्त करना चाहते हैं, तो 'कामदा एकादशी' व्रत अवश्य रखें।

यह एकादशी व्रत पापों से मुक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आइए जानें 'कामदा एकादशी'व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं पारण समय के बारे में-

शुभ-मुहर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 12 अप्रैल दिन मंगलवार को प्रात: 04 बजकर 30 मिनट पर शुरु होगी। यह तिथि 13 अप्रैल को प्रात: 05 बजकर 02 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 12 अप्रैल को 'कामदा एकादशी' व्रत रखा जाएगा।

पूजा-मुहूर्त

'कामदा एकादशी' के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 05 बजकर 59 मिनट से सुबह 08 बजकर 35 मिनट तक है, इसी अवधि में रवि योग भी है। 'कामदा एकादशी' के दिन भगवान विष्णु की पूजा आप सर्वार्थ सिद्धि योग में करें, यह बहुत ही फलदायी है। सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल होते है। 'कामदा एकादशी' के दिन का शुभ मुहूर्त दिन में 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक है।

कामदा एकादशी 2022 पारण समय

12 अप्रैल को कामदा एकादशी व्रत रखने वाले लोग 13 अप्रैल को व्रत का पारण करेंगे। उस दिन 'कामदा एकादशी'व्रत के पारण का समय दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से शाम 04 बजकर 12 मिनट तक है।

महिमा

पुराणों के अनुसार, जो भक्त कामदा एकादशी व्रत रखता है तथा भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके सारे पाप मिट जाते हैं। जाने-अनजाने में किए गए कामों की क्षमा मांगने वाले भक्तों को भगवान विष्णु माफ कर देते हैं तथा आशीर्वाद देते हैं। कामदा एकादशी व्रत कल्याणकारी है, यह व्रत रखने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल

Muzaffarnagar Road Accident: रोडवेज बस ने बाइकों को मारी जोरदार टक्कर, 3 साल की बच्ची समेत 5 की मौत

Explainer: बंगाल में क्यों गरमाई फिश पॉलिटिक्स? जानिए बंगाली अस्मिता, मछली का कनेक्शन और पूरे विवाद की वजह

Red Fort Blast: मदर ऑफ शैतान से हुआ धमाका, कार को ही बना दिया था बम...NIA चार्जशीट में क्या-क्या सामने आया?