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Snake Village Of India: इस गांव में घर-घर दिखते हैं नाग, इंसानों के साथ आराम से रहते हैं कोबरा

Village Of Snakes: महाराष्ट्र में स्थित शेतफल गांव की पहचान यहां रहने वाले सांपों से है। जानें कैसे इस गांव में नाग और इंसान बिना एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाएं सदियों से एक साथ रहते हैं।

रीता राय सागर

Indian Snake Village: कहते हैं असली भारत गांवों में बसता है। गांव में खेत, जंगल, पहाड़, बेहद साधारण जीवन सब देखने को मिलता है और इसी भारत में एक ऐसा गांव भी है, जहां सांपों को देखकर लोग घबराते नहीं, बल्कि सांप और इंसान साथ-साथ रहते हैं।

इस गांव के लोग उन्हें अपनी परंपरा और आस्था का हिस्सा मानते हैं। महाराष्ट्र के शेतफल गांव को सांपों, खासकर कोबरा के साथ अनोखे मेल-जोल के लिए जाना जाता है। यहां सांपों को घरों के आसपास और कई बार घरों के अंदर भी देखा जाता है।

शेतफल गांव क्यों है खास?

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित शेतफल गांव अपनी अनोखी सांपों से जुड़ी परंपरा के कारण चर्चा में रहता है। यहां कोबरा को देखते ही लोग डरकर उसे मारने या नुकसान पहुंचाने की बजाय उनके लिए घरों में एक अलग जगह बनाते हैं।

घरों में सांपों के लिए बने हैं खास ठिकाने

गांव के कई घरों में सांपों के लिए छोटी-छोटी जगहें बनाई जाती हैं, जिन्हें स्थानीय रूप से उनके रहने के ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इन जगहों को घर की संरचना का हिस्सा बनाया जाता है, ताकि सांप वहां आ-जा सकें।

इंसानों और सांपों के बीच अनोखा रिश्ता

शेतफल की सबसे खास बात यहां इंसानों और सांपों के बीच दिखाई देने वाला मेल-जोल है। गांव में सांपों को पारंपरिक रूप से नाग देवता से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि इनके प्रति लोगों में एक अलग तरह की श्रद्धा दिखाई देती है। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और कई जगहों पर सांपों से जुड़ी लोक परंपराएं भी निभाई जाती हैं। ऐसे में शेतफल जैसा गांव नाग पंचमी के मौके पर खास आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

आस्था और प्रकृति की मिसाल

शेतफल गांव की कहानी सिर्फ सांपों की मौजूदगी तक सीमित नहीं है। यह भारत की उन स्थानीय परंपराओं की झलक भी दिखाती है, जहां धार्मिक आस्था और प्रकृति के साथ रहने की सोच एक-दूसरे से जुड़ी हुई दिखाई देती है।

यहां आने वाले टूरिस्ट से अपी की जाती है कि वे सांपों को छुएं नहीं, फोटो न लें या फिर उन्हें छेड़ें नहीं। शेतफल आने वाले टूरिस्ट यहां पालन किए जाने वाले कस्टम और ट्रेडिशन को माने और आदरपूर्वक यहां रहें। यहां आने के लिए अक्तूबर से फरवरी तक महीना बेहतर होता है, तब यहां का मौसम ठंडा होता है।

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